शीत शरद की हो रही विदाई धरती मानो ले रही अंगड़ाई ऋतुराज की हो रही अगुवाई प्रकृति बसंती रंग में[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
स्वतंत्रता के दीवाने सुभाषचंद्र बोस – अमरनाथ त्रिवेदीस्वतंत्रता के दीवाने सुभाषचंद्र बोस – अमरनाथ त्रिवेदी
स्वतंत्रता के दीवाने सुभाषचंद्र बोस जिनके आदि का पता तो है, पर अंत का पता नहीं, किस हाल में यह घटित हुआ,[...]
स्वामी विवेकानंद – रामकिशोर पाठकस्वामी विवेकानंद – रामकिशोर पाठक
विवेकानंद आज हैं, किए जा रहे याद। हम मनाएँ जन्म दिवस, करते यह फरियाद।। युवा राष्ट्र के बोलिए, रहें[...]
राष्ट्रधर्म निभाती हिन्दी – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या”राष्ट्रधर्म निभाती हिन्दी – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या”
हिंदी! संस्कृत की जाई, देवनागरी लिखाई, स्वर व्यंजन वर्ण, सब से बन है पाई। हिंदी ! सुपाठ्य और सुलेख्य, कुछ[...]
हिन्दी हमारी शान है- सुरेश कुमार गौरवहिन्दी हमारी शान है- सुरेश कुमार गौरव
हिन्दी हमारी शान है, हिन्दी है पहचान, संस्कृति का अभिमान, हिन्दी का गान। मिट्टी की खुशबू में रचती यह[...]
दुश्मनी कभी न पालिए- अमरनाथ त्रिवेदीदुश्मनी कभी न पालिए- अमरनाथ त्रिवेदी
अगर दोस्त किसी के बन न सके, तो दुश्मनी भी किसी से न पालिए। ईर्ष्या, द्वेष, घृणा की आग [...]
वीरता की गाथा व संदेश – सुरेश कुमार गौरववीरता की गाथा व संदेश – सुरेश कुमार गौरव
शस्त्रों की शान, देश धर्म की पहचान, हर युग में जिनसे गौरव पाता इंसान। वीर सपूत गुरु गोविंद, महान[...]
दोहावली- रामकिशोर पाठकदोहावली- रामकिशोर पाठक
किसके मन में क्या यहॉं, जान सका कब कोय। कोई दुख से रो रहा, कोई सुख में रोय।। उलझन[...]
कुछ नवीन सृजन करो- कुमकुम कुमारीकुछ नवीन सृजन करो- कुमकुम कुमारी
त्यागकर व्यग्रता को अब तुम, मनन करना शुरु करो। कठिन परीक्षा अभी बहुत है, मन को तुम धीर करो।[...]
सत्य-पथ के जीवन रचयिता – सुरेश कुमार गौरवसत्य-पथ के जीवन रचयिता – सुरेश कुमार गौरव
शिक्षक कहलाते ज्ञान रचयिता अनुशासन के होते नियम संहिता। कहलाते हर प्रश्नों के हलकर्ता, सत्य-असत्य के निर्णयकर्ता। जीवन में[...]
