मजा नहीं अब सजा मिलेगी, नित बढ़ते प्रदूषण के खतरे से। होश में आओ हे मानव, रोग फैल रहा दूषित [...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
छठी की महिमा जैनेन्द्र प्रसाद रविछठी की महिमा जैनेन्द्र प्रसाद रवि
जिसने चाहा वह फल पाया हर सपना होता साकार है। करते हैं हम सूरज उपासना अति पावन छठ त्यौहार है।।[...]
छठ पर्व की महिमा – अमरनाथ त्रिवेदीछठ पर्व की महिमा – अमरनाथ त्रिवेदी
छठ पर्व की महिमा अति न्यारी, चार दिनों तक लगती है प्यारी। जीवन सकल धन्य कर देती। यह सर्व दुर्गुणों[...]
छठ व्रत का विधान – रामकिशोर पाठकछठ व्रत का विधान – रामकिशोर पाठक
चार दिनों का यह अनुष्ठान आस्था का यह व्रत महान। करते इसको विधि विधान होता जिससे जन कल्याण।। प्रत्यक्ष[...]
नित दिन प्रातः आता सूरज- संजय कुमारनित दिन प्रातः आता सूरज- संजय कुमार
नित दिन प्रातः आता सूरज नित नया सिखलाता है। नित सवेरे आकर कहता, नया जीवन ही जग पाता है।। कहता[...]
शान निराली छठ व्रत की – अमरनाथ त्रिवेदीशान निराली छठ व्रत की – अमरनाथ त्रिवेदी
छठ व्रत की शान निराली, महापर्व की शोभा न्यारी। हम बच्चों को खुशी देनेवाली, अनुपम दृश्य लगती बड़ी प्यारी। व्रती[...]
दीपों ने किया उजाला है – रामपाल सिंह ‘अनजान’दीपों ने किया उजाला है – रामपाल सिंह ‘अनजान’
गाॅंव छोड़ बाहर देखा धरती अंबर काला है। तब जाना इन दीपों ने, कितना किया उजाला है।। आज कहाॅं बल[...]
दीप जलाओ रे- प्रियंका कुमारीदीप जलाओ रे- प्रियंका कुमारी
दीप जलाओ रे! दीप जलाओ रे! ढोलक बजाओ रे ! गीत कोई गाओ रे ! शुभता, मंगल का, गीत[...]
जरा रौशनी फैला दें- अमरनाथ त्रिवेदीजरा रौशनी फैला दें- अमरनाथ त्रिवेदी
जीवन मिला हमें जब , जरा रौशनी फैला दें । दूसरों के दर्द को भी , अपने दर्द में मिला[...]
एक दीप इनके नाम – संजय कुमारएक दीप इनके नाम – संजय कुमार
आइए, जलाते हैं एक दीप अपने माता-पिता की लम्बी आयु के लिए, जिन्होंने हम सबको सुंदर संस्कार दिए। आइए, जलाते[...]
