अनुशासन जो जीवन में लाए, हर मुश्किल में जीत वो पाए। जो भी समय का मान करेगा, सपनों को वह[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
अपना सूरज – रामकिशोर पाठकअपना सूरज – रामकिशोर पाठक
विशाल आकाशीय पिंड जो, अपना प्रकाश फैलाता है। हम उसको हैं कहते तारे, नभ में सदा टिमटिमाता है। उनमें से[...]
ब्रह्मांड की दिव्य कहानी- सुरेश कुमार गौरवब्रह्मांड की दिव्य कहानी- सुरेश कुमार गौरव
सूरज ज्योति का है आगार उजियारे का सौम्य नगर। किरणें इसकी छू लें धरती, हरियाली भर जाए घर।। नीला नभ[...]
कुपोषण – रामकिशोर पाठककुपोषण – रामकिशोर पाठक
शरीर का समुचित विकास हो कर सकें काम आसानी से। इसके लिए ऊर्जा चाहिए जो मिलता खाना पानी से।। भोजन[...]
वासंती महक- सुरेश कुमार गौरववासंती महक- सुरेश कुमार गौरव
पीली-पीली सरसों की बगिया, लहराए खेतों में नव अभिलाषा। पतझड़ की उदासी को छोड़कर, लाया वसंत हर्ष की परिभाषा। प्रकृति[...]
नवजीवन संचार- अपराजिता कुमारीनवजीवन संचार- अपराजिता कुमारी
शीत शरद की हो रही विदाई धरती मानो ले रही अंगड़ाई ऋतुराज की हो रही अगुवाई प्रकृति बसंती रंग में[...]
स्वतंत्रता के दीवाने सुभाषचंद्र बोस – अमरनाथ त्रिवेदीस्वतंत्रता के दीवाने सुभाषचंद्र बोस – अमरनाथ त्रिवेदी
स्वतंत्रता के दीवाने सुभाषचंद्र बोस जिनके आदि का पता तो है, पर अंत का पता नहीं, किस हाल में यह घटित हुआ,[...]
स्वामी विवेकानंद – रामकिशोर पाठकस्वामी विवेकानंद – रामकिशोर पाठक
विवेकानंद आज हैं, किए जा रहे याद। हम मनाएँ जन्म दिवस, करते यह फरियाद।। युवा राष्ट्र के बोलिए, रहें[...]
राष्ट्रधर्म निभाती हिन्दी – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या”राष्ट्रधर्म निभाती हिन्दी – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या”
हिंदी! संस्कृत की जाई, देवनागरी लिखाई, स्वर व्यंजन वर्ण, सब से बन है पाई। हिंदी ! सुपाठ्य और सुलेख्य, कुछ[...]
हिन्दी हमारी शान है- सुरेश कुमार गौरवहिन्दी हमारी शान है- सुरेश कुमार गौरव
हिन्दी हमारी शान है, हिन्दी है पहचान, संस्कृति का अभिमान, हिन्दी का गान। मिट्टी की खुशबू में रचती यह[...]
