प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

रूप घनाक्षरी छंद में कभी-कहीं बाढ़ आए, कभी तो सुखाड़ आए, सड़कें मकान सारे, हो जाते हैं जमींदोज़। पहाड़ चटक रहे, बादल भी फट रहे, हर साल कोई नई, आफत…

शिक्षक क्या है?

शिक्षक क्या है? ज्ञान का दीपक जलाने वाला, तीसरी आँख का दाता, सही दिशा दिखाने वाला। बच्चे उसे लेकर चलते, जीवन का लक्ष्य खोजते, क्या करना, क्या सोचना, संस्कारों की…

नयी शिक्षा नीति

शिक्षा का अधिकार सभी को, सहज सुलभ से मिल पाए। अब खाना पूर्ति न हो केवल, कौशल भी अपना विकसाए।। उम्र सापेक्ष शिक्षण उत्तम, सबके मन को हम हर्षाए। यही…