Category: Shaikshik

Jainendra

प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

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रूप घनाक्षरी छंद में कभी-कहीं बाढ़ आए, कभी तो सुखाड़ आए, सड़कें मकान सारे, हो जाते हैं जमींदोज़। पहाड़ चटक[...]

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शिक्षक क्या है?शिक्षक क्या है?

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शिक्षक क्या है? ज्ञान का दीपक जलाने वाला, तीसरी आँख का दाता, सही दिशा दिखाने वाला। बच्चे उसे लेकर चलते,[...]

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मनहरण घनाक्षरी विधान – राम किशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी विधान – राम किशोर पाठक

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मनहरण घनाक्षरी विधान   घोटक की चले टाप, आठ-आठ पग नाप, पद को बनाए आप, तुकांत बखानिए। आठ पग चले[...]

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