Category: Shaikshnik

Ram Kishore Pathak

संसार- दोहे – राम किशोर पाठकसंसार- दोहे – राम किशोर पाठक

0 Comments 3:12 pm

संसार- दोहे जैसी मन की भावना, वैसा ही संसार। अपने-अपने कर्म की, झेल रहे सब मार।।०१।। दुख को जो है[...]

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Ram Kishore Pathak

दोहे – राम किशोर पाठकदोहे – राम किशोर पाठक

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दोहे सोमेश्वर सबके सखा, सहज सुलभ संसार। संकटमोचक सम सदा, सकट सतत संहार।। भ्रमित भँवर भव-भय भुवन, भजन भाव भगवंत।[...]

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Janindra Prasad Ravi

प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 9:23 pm

प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ बाबा औघड़ दानी धतूरा के फूल गंगा जल पर रीझते हो, तभी तो औघड़[...]

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सजनी अपने आप से रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’सजनी अपने आप से रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

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सजनी अपने आप से –  रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ ट्रेन सवारी करके सजनी, देख रही रस्ते भर सपने। आस-पास की[...]

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Ram Kishore Pathak

कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठककोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक

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कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक सभी लोग हैं काँपते, सर्दी सबको खल रही। फैल गया है[...]

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