ग़ज़ल दूर कितना मगर चलेंगे हम। दिख रहा है शहर चलेंगे हम।। शीत अब छोड़ है गया मग को। दिख[...]
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प्रेम- रामकिशोर पाठकप्रेम- रामकिशोर पाठक
प्रेम – सरसी छंद गीत प्रेमिल रहना चाहत सबकी, उलझन में संसार। करते सब हैं प्रेम जगत में, सबके अलग[...]
बच्चो तुम प्रश्न पूछो – गिरींद्र मोहन झाबच्चो तुम प्रश्न पूछो – गिरींद्र मोहन झा
बच्चों तुम प्रश्न पूछना ! बच्चों तुम प्रश्न पूछना शिक्षकों से, गुरुजनों से, माता-पिता से, गूगल से, अपने वरेण्य जनों[...]
मंगल रामपाल प्रसाद सिंहमंगल रामपाल प्रसाद सिंह
मनहर घनाक्षरी। मंगल नीले-नीले नभ नीचे,हरियाली नैन खींचे, मटर की छिमियों में,स्वाद बलवान है। सर्षप के आसपास,अलसी बसी है खास,[...]
आमंत्रण पुष्प ब्यूटी कुमारीआमंत्रण पुष्प ब्यूटी कुमारी
आमंत्रण पुष्प बच्चे हैं उपवन के फूल जिससे सजाते हैं स्कूल। करें हम और आप मिलकर बच्चों का समग्र विकास[...]
तीसवां दिन जनवरी के रामपाल प्रसाद सिंहतीसवां दिन जनवरी के रामपाल प्रसाद सिंह
गीतिका छंद तीसवाॅं दिन जनवरी को,जो हुआ अच्छा नहीं। मार गोली संत हिय को,क्या किया अच्छा कहीं?!! हिल गयी बुनियाद[...]
युवा संकल्प कार्तिक कुमारयुवा संकल्प कार्तिक कुमार
युवा संकल्प यूजीसी, जात-पात सब मिटा दो, भेदभाव की दीवार गिरा दो। हम युवा हैं, एक हमारा स्वर, मिलकर विकसित[...]
सूर्य रश्मियाँ रामकिशोर पाठकसूर्य रश्मियाँ रामकिशोर पाठक
सूर्य रश्मियाँ- महाशिव छंद गीत २१२-१२१-२२१-२१२-१२ नित्य सूर्य रश्मियाँ तेज को बिखेरती। दृष्टि बोध को भरे चित्र को उकेरती।। लुप्त[...]
स्वतंत्रता की चिंगारी जैनेंद्र प्रसादस्वतंत्रता की चिंगारी जैनेंद्र प्रसाद
स्वतंत्रता की चिंगारी (शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि मात्र आधी धोती पर, जीवन गुजार दिया, आधुनिक भारत के, नमन भिखारी को।[...]
छा गया मधुमास- रामकिशोर पाठकछा गया मधुमास- रामकिशोर पाठक
छा गया मधुमास हर दिल शायराना हो गया- गजल २१२२-२१२२-२१२२-२१२ छा गया मधुमास हर दिल शायराना हो गया। भाव नव[...]
