याद उन्हीं की आती है। निशि-वासर को चैन नहीं है,पीड़ा वाण चलाती है। छोड़ चले जाते हैं जग को,याद उन्हीं[...]
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झलक दिखाएं कृष्ण -रामकिशोर पाठकझलक दिखाएं कृष्ण -रामकिशोर पाठक
झलक दिखाएँ कृष्ण- रोला छंद गीत मिल जाए फिर चैन, उन्हें आँखों में भरके। छलक उठे है नैन, याद मोहन[...]
रिश्ता रखें सच्चा -जैनेन्द्र प्रसादरिश्ता रखें सच्चा -जैनेन्द्र प्रसाद
प्रभाती पुष्प रिश्ता रखें सच्चा संगी-साथी मित्र सच्चे, मिलते कहांँ हैं अच्छे, संबंध जो बन जाए, रिश्ता रखें सच्चा है।[...]
चिंता है रहती -रामकिशोर पाठकचिंता है रहती -रामकिशोर पाठक
चिंता है रहती- महा-शशिवदना छंद गीत दुख की सब गाथा, औरों से कहती। धन दौलत की, चिंता है रहती।। राम[...]
राम राम गाइए रामकिशोर पाठकराम राम गाइए रामकिशोर पाठक
राम-राम गाइए- अनामिका छंद आप जो बता रहे। साथ में खता कहे।। रोष क्यों सदा गहे। दोष को यहाँ सहे।।[...]
पंछी -रामपाल प्रसाद सिंहपंछी -रामपाल प्रसाद सिंह
दो पंछी क्यों विवश हुए हैं,बाहर जाने को। अपने हुए पराए मतलब,है समझाने को।। जीवन का हर पल सुखमय जब,तूने[...]
स्कूल चलें हम- बाल कवितास्कूल चलें हम- बाल कविता
स्कूल चलें हम- बाल कविता शाला में सिखलाया जाता। खेल-कूद करवाया जाता।। खाने को भी मिलता सबको। प्यार सदा ही[...]
संपूर्ण ज्ञान अश्मजा प्रियदर्शिनीसंपूर्ण ज्ञान अश्मजा प्रियदर्शिनी
संपूर्ण ज्ञान प्रदाता पुस्तक है सरस्वती समान। यह सर्वश्रेष्ठ पर प्रदर्शक विज्ञता जीवन में प्रधान। शास्वत जग ब्रह्मांड का विवरण[...]
श्यामली सूरत – जैनेंद्र प्रसाद रविश्यामली सूरत – जैनेंद्र प्रसाद रवि
श्यामली सूरत मनहरण घनाक्षरी छंद गगन सा श्याम वर्ण- सुध बुध खोया देख, चैन को चुराती तेरी, श्यामली सूरत है।[...]
आह -बैकुंठ बिहारीआह -बैकुंठ बिहारी
आह पल पल प्रत्येक हृदय से निकलती आह, कभी कुछ पाने की आह, कभी कुछ खोने की आह, कभी स्वार्थ[...]
