चलो झूम के नाचें गाएँ , मिल जुलकर हम खुशी मनाएँ। हम प्यारे बच्चे कितने अच्छे, जितने नील गगन के[...]
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लें सबक प्रदूषण से- अमरनाथ त्रिवेदीलें सबक प्रदूषण से- अमरनाथ त्रिवेदी
मजा नहीं अब सजा मिलेगी, नित बढ़ते प्रदूषण के खतरे से। होश में आओ हे मानव, रोग फैल रहा दूषित [...]
छठ- महिमा – रत्ना प्रियाछठ- महिमा – रत्ना प्रिया
सुर संस्कृत में छठ-महिमा, सब मुक्त कंठ से गाते हैं। तब सविता के प्रखर प्राण को, आत्मसात् कर पाते हैं।।[...]
नित दिन प्रातः आता सूरज- संजय कुमारनित दिन प्रातः आता सूरज- संजय कुमार
नित दिन प्रातः आता सूरज नित नया सिखलाता है। नित सवेरे आकर कहता, नया जीवन ही जग पाता है।। कहता[...]
व्रत अनोखा छठी मईया का- भोला प्रसाद शर्माव्रत अनोखा छठी मईया का- भोला प्रसाद शर्मा
छठी मईया का व्रत अनोखा, धूप में तपते श्रद्धालु लोका। सूरज को अर्घ्य देने का ये पर्व, मिटाता दुखों[...]
व्रत अनोखा छठी मईया का- भोला प्रसाद शर्माव्रत अनोखा छठी मईया का- भोला प्रसाद शर्मा
छठी मईया का व्रत अनोखा, धूप में तपते श्रद्धालु लोका। सूरज को अर्घ्य देने का ये पर्व, मिटाता दुखों[...]
स्मृति शेष – संजय कुमारस्मृति शेष – संजय कुमार
बहुत स्नेह करता था न! तू मुझे, सब कुछ बताता था, कहता था कुछ भी नहीं छुपाता मैं तुझसे[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
पर्व दिवाली ज्योति का, करता तम का अंत। खुशियाँ बाँटें मिल सभी, कहते सब मुनि संत। कहती दीपों की अवलि,[...]
दीप जलाओ रे- प्रियंका कुमारीदीप जलाओ रे- प्रियंका कुमारी
दीप जलाओ रे! दीप जलाओ रे! ढोलक बजाओ रे ! गीत कोई गाओ रे ! शुभता, मंगल का, गीत[...]
जरा रौशनी फैला दें- अमरनाथ त्रिवेदीजरा रौशनी फैला दें- अमरनाथ त्रिवेदी
जीवन मिला हमें जब , जरा रौशनी फैला दें । दूसरों के दर्द को भी , अपने दर्द में मिला[...]
