आइए, जलाते हैं एक दीप अपने माता-पिता की लम्बी आयु के लिए, जिन्होंने हम सबको सुंदर संस्कार दिए। आइए, जलाते[...]
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दीपोत्सव हमें मनाना है – रामकिशोर पाठकदीपोत्सव हमें मनाना है – रामकिशोर पाठक
हर तरफ घोर अँधियारा है, एक दीप हमें जलाना है। आज रात दिवाली की, दीपोत्सव हमें मनाना है। घर[...]
आओ सब मिल दीप जलाएँ- संजीव प्रियदर्शीआओ सब मिल दीप जलाएँ- संजीव प्रियदर्शी
आओ सब मिल दीप जलाएँ नाचें- गाएँ खुशी मनाएँ। मन के भीतर का अँधियारा, भव भय भ्रम सब दूर[...]
दिल में प्यार के दीप जले- संजय कुमारदिल में प्यार के दीप जले- संजय कुमार
इस दिवाली हर तरफ अमन, शांति के फूल खिले। नफरत, ईर्ष्या की दीवार ढहे हर दिल में प्यार के[...]
तमस मिटा चलो दीप जलाएँ- विवेक कुमारतमस मिटा चलो दीप जलाएँ- विवेक कुमार
आओ चलो चलें दीप जलाएँ, काले अँधियारे को दूर भगाएँ, संग चलें और घुलमिल जाएँ, तमस मिटा, चलो दीप जलाएँ।[...]
पावन शरद ऋतु – अमरनाथ त्रिवेदीपावन शरद ऋतु – अमरनाथ त्रिवेदी
पावन शरद ऋतु की बहुत बड़ाई , सबके चित्त नित परम सुहाई । आश्विन, कार्तिक होते अति पावन, दिल को [...]
उम्मीद के दीए- सुरेश कुमार गौरवउम्मीद के दीए- सुरेश कुमार गौरव
नित मन की अमराईयों में, मन की बातें बोलती हैं, नीरस से सरस जीवन के, मिश्रित पीयूष रस घोलती हैं।[...]
सूरज बाबा – भोला प्रसाद शर्मासूरज बाबा – भोला प्रसाद शर्मा
सूरज बाबा, ओ सूरज बाबा, तुमसे रोशन है जग सारा। सुबह-सवेरे तुम मुस्काओ, धरती को तुम खूब सजाओ। सूरज[...]
दिवाली आज मनाएँगे- रामकिशोर पाठकदिवाली आज मनाएँगे- रामकिशोर पाठक
दादा जी फुलझड़ी चाहिए, जगमग वाली लड़ी चाहिए, हम भी दीप जलाएँगे, दिवाली आज मनाएँगे। देखो पटाखे फूट रहे[...]
स्लेट है तेरा भविष्य – रामपाल सिंह ‘अनजान’स्लेट है तेरा भविष्य – रामपाल सिंह ‘अनजान’
यह स्लेट है तेरा भविष्य, तेरे संग है किसी का असीस। लग रहा है तुम अबोध नहीं, उन रेखाओं का[...]
