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Amarnath Trivedi

बेटी के सपने – अमरनाथ त्रिवेदीबेटी के सपने – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 4:00 pm

बेटी के सपने की उड़ान को, अब कमतर कर नही तौलेंगे। बेटी सफलता  की उड़ान  है, उस पर कीचड़ नही[...]

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कब तक हार से डरते रहोगे – गुड़िया कुमारीकब तक हार से डरते रहोगे – गुड़िया कुमारी

0 Comments 7:23 pm

  कब तक यूँ ऐसे बैठे रहोगे, कब तक हार से डरते रहोगे। कदम आगे बढ़ाना होगा, अगर लक्ष्य को[...]

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Amarnath Trivedi

कहाँ गए वो दिन – अमरनाथ त्रिवेदीकहाँ गए वो दिन – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:01 pm

कहाँ  गए  वो   दिन ? जिसकी दास्तां  इतनी करीब थी । थे  लोग  प्यार  में ऐसे  पगे , जहाँ हर[...]

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Amarnath Trivedi

भगवान विश्वकर्मा- अमरनाथ त्रिवेदीभगवान विश्वकर्मा- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:10 pm

सजी धजी यह धरा सुहानी , कितनी  प्यारी   लगती  है। विश्वकर्मा जी की कृपा मात्र से , यह  छटा  निराली [...]

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Vivek kumar

मैं हूँ हिंदी- विवेक कुमारमैं हूँ हिंदी- विवेक कुमार

0 Comments 9:17 pm

मैं हूँ हिंदी, कहने के लिए, आपकी बिंदी, सर का ताज हूँ, राज-काज का साधन, भाषा की अभिव्यक्ति हूँ, पतंगों[...]

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यही हमारी हिन्दी है- संजीव प्रियदर्शीयही हमारी हिन्दी है- संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 9:03 pm

.   जिस वाणी में बोल रहा हूँ यही हमारी हिन्दी है। माॅम- डैड संस्कार न अपना, माँ- बाबूजी हिन्दी[...]

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Manu Raman Chetna

मेरी नानी – मनु कुमारीमेरी नानी – मनु कुमारी

0 Comments 6:47 am

  कितनी प्यारी मेरी नानी रोज सुनाती हमें कहानी। परीलोक की सैर कराती, बात -बात में हमें हँसाती। मम्मी जब[...]

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दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 7:22 pm

हिंदी अमरतरंगिनी, जन-जन की है आस। सच्चे उर जो मानते, रहती उनके पास।। हिंदी भाषा है मधुर, देती सौम्य मिठास।[...]

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Suresh-kumar-gaurav

भारत की पूर्ण पहचान हिंदी – सुरेश कुमार गौरवभारत की पूर्ण पहचान हिंदी – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 5:18 pm

  हिन्दी बनी मातृभाषा, तब भाषा की जननी थी। इस समृद्ध भाषा ने देश को एक नई पहचान दी।। चहुँ[...]

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Amarnath Trivedi

प्यारी भाषा हिंदी – अमरनाथ त्रिवेदीप्यारी भाषा हिंदी – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 5:14 pm

हिंदी  हैं  हम  वतन हैं , यह  हिंदोस्ता   हमारा। यह भाषा बहुत सरल है, यह  सौभाग्य है हमारा।। हिंदी  जितनी [...]

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