भारतवासियों के भावों की अभिव्यक्ति हिंदी। जन- जन, गण- गण, मन-मन में पुष्पित पल्लवित हिंदी।। सुजलाम सुफलाम् मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलाम्[...]
Category: Uncategorized
हिंदी की बिंदी – प्रियंका कुमारीहिंदी की बिंदी – प्रियंका कुमारी
अक्षर से अक्षर सजाऊँगी मैं, हिंदी की बिंदी लगाऊँगी मैं। हिंदी की महत्ता बताऊँगी मैं , हिंदी की बिंदी[...]
हिन्दी – रत्ना प्रियाहिन्दी – रत्ना प्रिया
हिन्दी को नित्य पढ़ने की, पढ़ाने की अभिलाषा है, गर्व है हम भारतीयों को, यह भारत की भाषा है।[...]
हिंदी दिवस – अमरनाथ त्रिवेदीहिंदी दिवस – अमरनाथ त्रिवेदी
हिंदी दिवस मनाएँ ऐसे, जिसमें भाव प्रवणता हो। दिल ही नहीं दिमागों में भी , कार्य करने की क्षमता हो।।[...]
हिंदी राष्ट्रभाषा- रूचिकाहिंदी राष्ट्रभाषा- रूचिका
हिंदी मेरी जुबान हिंदी मेरी पहचान, कभी भावनाओं के ज्वार थामे, कभी जज्बातों को दे पहचान। हिंदी मेरी[...]
मैं नारी हूँ- प्रियंका कुमारीमैं नारी हूँ- प्रियंका कुमारी
अबला नहीं, मैं नारी हूँ। करुणामयी , कल्याणी हूँ।। लज्जा सदैव सिरमौर रहा, अंतस में है कुछ खौल रहा[...]
मंगलकर्त्ता गणेश – रत्ना प्रियामंगलकर्त्ता गणेश – रत्ना प्रिया
हे गजानन, विघ्नविनाशक, आप हैं मंगलकर्त्ता। हे विनायक, शुभ बुद्धिदायक, कष्ट हरो दु:खहर्त्ता।। आए हैं प्रभु, शरण तिहारी, जीवन मंगल[...]
मनहरण घनाक्षरी- रामपाल प्रसाद सिंहमनहरण घनाक्षरी- रामपाल प्रसाद सिंह
भाद्रपद शुक्लपक्ष, धन्य हे सुलक्ष्य लक्ष, वक्रतुंड महाकाय, चरण पखारते। कोमल- कोमल दूर्वा, मोदकम मोतीचूर्वा, मूषक वाहन बीच, लाल ही[...]
आसमान पर छाओगे – कुमकुम कुमारीआसमान पर छाओगे – कुमकुम कुमारी
सत्य मार्ग पर चलकर देखो, अद्भुत सुख को पाओगे। कभी नहीं तुम विचलित होगे, और नहीं पछताओगे।। जलने वाले वहीं[...]
मेरी अभिलाषा – डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’मेरी अभिलाषा – डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
अभिलाषा अहर्निश है मेरी संताप हरने की। जीवन में सत्य सुन्दर और अतुलित प्राण भरने की। समर्पित इस धरा को[...]
