मेरे नाना प्यारे नाना आपके घर, मेरा आना-जाना। जब भी हम जाते, हमें बुलाते, अपने पास वो हमें बिठाते। कुछ[...]
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माँ कात्यायनी- डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’माँ कात्यायनी- डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
ऋषि कात्यायन की हे सुता, यह दर्प तुम्हारा अद्भुत है। यह रूप तुम्हारा अद्भुत है, सौंदर्य तुम्हारा अद्भुत है।[...]
माता की भक्ति – भवानंद सिंहमाता की भक्ति – भवानंद सिंह
माता का पंडाल सजा है, भक्तों की कतार लगी है। आएँ भक्तों लगाएँ ध्यान, कर लें भक्ति मिलेगा मान। नवरात्रि[...]
कर्म-पथ- सुरेश कुमार गौरवकर्म-पथ- सुरेश कुमार गौरव
जिस पथ में चला सदा सत्य है यह कर्म-पथ उतार तो कहीं चढ़ाव का है ये जीवन सु-पथ। जीवन के[...]
निपुण बनें हम- अवनीश कुमारनिपुण बनें हम- अवनीश कुमार
हे प्रभु! हम बालक बड़े नादान, आप हमें दें यह वरदान। जल्दी निपुण, बन जायें हम, भारत के निपुण[...]
गिलहरी – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’गिलहरी – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
विद्यालय के प्रांगण में, है झूलती आम की डाली। उससे अक्सर आती जाती, कतिपय गिलहरियाॅं मतवाली।। बच्चों की किलकारी सुनकर,[...]
बाजा की आवाज- रामकिशोर पाठकबाजा की आवाज- रामकिशोर पाठक
बाजा की आवाज आ रही है माँ मन को लुभा रही है। बाहर मुझको जाने दो न कारण[...]
पापा हमारे कितने प्यारे – अमरनाथ त्रिवेदीपापा हमारे कितने प्यारे – अमरनाथ त्रिवेदी
ऐसे हमारे पापा प्यारे पापा पापा कितने प्यारे, हम बच्चों के कितने न्यारे। हमें समझाते कितने अच्छे, बातें करते कितने [...]
गिरते दाँत और गाजर- अवनीश कुमारगिरते दाँत और गाजर- अवनीश कुमार
नाना जी ने बोई गाजर रोज सुबह पानी देते आकर। राजू नाना से पूछा जाकर नानू यह गाजर कब तक[...]
प्यारे थे गाँधी- एम. एस. हुसैन ‘कैमूरी’प्यारे थे गाँधी- एम. एस. हुसैन ‘कैमूरी’
सत्य अहिंसा के पुजारी थे गाँधी सादगी में जीवन गुजारे थे गाँधी। एक सूत्र में बांँध भारतवासी को, स्वतंत्रता का[...]
