धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक प्राचीन मोक्षदायिनी सप्तपुरियों में एक लोक विश्व विख्यात बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा विश्वनाथ की अति[...]
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छंद: घनाक्षरी- एस. के. पूनमछंद: घनाक्षरी- एस. के. पूनम
खाली-खाली अंतर्मन, कैसे भरें ज्ञान कोष, यत्न करे हर कोई, कुछ ही सफल हो। लक्ष्य दिखें दूर सही, राह चुनें[...]
रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
तूफां से न घबराते, अपनी मंजिल पाते, जीवन के डगर की, होती न आसान राह। चट्टानों पे बीज बोते, धुन[...]
These Books – Ashish Kr PathakThese Books – Ashish Kr Pathak
Offer a vast reservoir of Knowledge On any topic imaginable; Exposing you to wide range of words and world; Keeping[...]
मित्र वही जो – नीतू रानीमित्र वही जो – नीतू रानी
मित्र वही जो साथ निभाए, हर संकट में मुझे बचाए। मित्र वही जो प्रभु गुण गाए, सत्य राह पर मुझे[...]
मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
पावन है देवघर, भोलेनाथ की नगरी, आज सारी दुनिया में, बना सिरमौर है। किसानों में खुशहाली, खेतों बीच हरियाली, पावन[...]
मनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनममनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनम
रंगभूमि कर्मभूमि, गोदान है वरदान, निर्मला मंगलसूत्र, दिया पहचान है। ईदगाह बूढ़ीकाकी, याद है पूस की रात, लिखे मानसरोवर, पढ़ना[...]
मनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनममनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनम
रंगभूमि कर्मभूमि, गोदान है वरदान, निर्मला मंगलसूत्र, दिया पहचान है। ईदगाह बूढ़ीकाकी, याद है पूस की रात, लिखे मानसरोवर, पढ़ना[...]
मनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनममनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनम
रंगभूमि कर्मभूमि, गोदान है वरदान, निर्मला मंगलसूत्र, दिया पहचान है। ईदगाह बूढ़ीकाकी, याद है पूस की रात, लिखे मानसरोवर, पढ़ना[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
रिश्ते डोरी प्रेम की, आए मन को रास। नेह सत्य सद्भावना, लाती नवल उजास।। रिश्तों को शुचिमय सघन, रखें बनाए[...]
