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Devkant

छंद: गीतिका – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’छंद: गीतिका – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 5:12 pm

बच्चों को सिखलाना होगा। सही मार्ग ले जाना होगा।। बच्चे तो हैं मन के सच्चे, यही कर्म दुहराना होगा। होते[...]

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S K punam

मनहरण घनाक्षरी:- एस. के. पूनममनहरण घनाक्षरी:- एस. के. पूनम

0 Comments 6:25 pm

शीर्षक: कभी रथ खींचिए मंदिर की ओर चलें, मिलेगी जीने की राह, जय बोलो जगन्नाथ, नमन तो कीजिए। हजारों हैं[...]

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Jainendra Prasad Ravi

विधा- रूप घनाक्षरी: जैनेन्द्र प्रसाद रविविधा- रूप घनाक्षरी: जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 5:33 am

किसान “”””””””””””””””” फसल बोने के पूर्व, खेतों की जुताई हेतु, सुबह ही चल देते, हल बैल ले के संग। हरियाली[...]

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Girindra Mohan Jha

खुद मनुष्य बन, औरों को मनुष्य बनाओ- गिरीन्द्र मोहन झाखुद मनुष्य बन, औरों को मनुष्य बनाओ- गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 5:57 pm

सदा कर्मनिष्ठ, सच्चरित्र, आत्मनिर्भर बनो तुम, जिस काम को करो तुम, उससे प्रेम करो तुम। नित नई ऊँचाई छूकर, सदा[...]

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स्वर्ग और नर्क की कल्पना – नीतू रानीस्वर्ग और नर्क की कल्पना – नीतू रानी

0 Comments 10:49 pm

स्वर्ग नरक कहीं और नहीं है इसी पृथ्वी पर सब। जरा सोचिए बैठकर, समय मिले एक पल तब।। इसी पृथ्वी[...]

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पर्यावरण दिवस – नीतू रानीपर्यावरण दिवस – नीतू रानी

0 Comments 7:57 pm

आओ राजू आओ राधा पहन के कपड़ा हरा और सादा, चलो हमसब मिलकर पेड़ लगाए क्यूंँ करते हो देरी ज्यादा।[...]

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S K punam

धोखे से बचाता हूँ – एस.के.पूनम।धोखे से बचाता हूँ – एस.के.पूनम।

0 Comments 9:11 pm

कृष्णाय नमः मनहरण घनाक्षरी (धोखे से बचाता हूँ ) चलें चल पाठशाला, देखो खुल गया ताला, गुरु खड़े द्वार पर,उनको[...]

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Suresh kr Gaurav

लोकतंत्र का यह महापर्व- सुरेश कुमार गौरवलोकतंत्र का यह महापर्व- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 9:08 pm

लोकतंत्र की यह पहचान है, जनता से चुनी जाती सरकार जनता तब-तब चुनती है, जब जब पड़ती इसकी दरकार पंचवर्ष[...]

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S K punam

जलहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनमजलहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनम

0 Comments 8:44 pm

🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 विधा:-जलहरण घनाक्षरी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, करें शुभ कार्य सदा, सनातन परंपरा,है सदियों से अचल। नूतन विचार आए,[...]

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जाग सखी – मीरा सिंह “मीरा”जाग सखी – मीरा सिंह “मीरा”

0 Comments 5:50 pm

तुम तो हो मधुमास सखी जीवन का अहसास सखी तेरी चर्चा आज बहुत मत समझो परिहास सखी उम्मीदों के पंख[...]

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