चैत्र पावन मास है-राम किशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

चैत्र पावन मास है।

माँ बता क्यों खास है।।

नेह से माँ लाल को।

चूम उसके भाल को।।

आज है बतला रही।

राज है समझा रही।।

वर्ष की शुरुआत है।

पूजते नव रात है।।

सूर्य का पूजन करे।

खेत फसलों से भरे।।

है विदाई शीत की।

प्रेम की ही रीत की।।

उष्णता भी दूर है।

गंध महुआ चूर है।।

पेड़ आमों से लदा।

कूकती कोयल सदा।।

और कितना मैं कहूँ।

हर्ष से भरकर रहूँ।।

आ रहा सब रास है।

चैत लगता खास है।।

रचनाकार:- राम किशोर पाठक

प्रधान शिक्षक

सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।

संपर्क- 9835232978

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