गणतंत्र की जय ।
गणतंत्र में हो आस्था ,
सुदृढ़ हो व्यवस्था।
नियमों में हो दृढ़ता ,
गणतंत्र की जय गणतंत्र की जय ।
नीतियों का शासन हो ,
कानूनी प्रशासन हो।
रहे सभी अनुशासन हो,
गणतंत की जय गणतंत्र की जय ।
जाति पाति सम भाव,
धर्म से ना हो दुराव।
मानवता से हो लगाओ ,
गणतंत्र की जय गणतंत्र की जय ।
देश का सदा नाम हो ,
गणतंत्र का मान हो ।
अपनी पहचान हो ,
गणतंत्र की जय गणतंत्र की जय ।
एकता अखंडता हो,
नहीं कोई भिन्नता हो।
आपसी समानता हो,
गणतंत्र की जय गणतंत्र की जय।
डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय शरीफगंज कटिहार
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