फागुन का महीना आया,
रंगों का त्योहार लाया।
खुशियों का बौछार छाया,
अपनो का प्यार पाया ।
लाल, गुलाबी,हरा,पीला,
जब रंगों में रंग मिला।
हर चेहरे पर मुस्कान खिला,
मिलकर रहने का संदेश मिला।
ढोल, मंजीरा, झाल बजे,
गीतो की मधुर तान सजे।
घर-घर पुआ, गुझिया पकवान बने,
हर मन में उमंग भरें ।
राग, द्वेष मिटे, प्रेम बढ़ जाए,
दुश्मन भी गले लग जाए।
जहाँ अंह का दहन हो जाए,
हर आँगन में खुशियां छा जाए।
रंग लगाए प्रेम के ऐसे,
जो हर मौसम से न उतरे।
मन की दीवारों पर लिख दे ऐसे,
सौहार्द कभी न बिखरे ।
रचियता- मुन्नी कुमारी
प्रधान शिक्षिका
प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर मुशहरी
प्रखण्ड- झंझारपुर, मधुबनी
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