पद्यपंकज Prem,sandeshparak गुड़िया रानी-नीतू कुमारी

गुड़िया रानी-नीतू कुमारी



गुड़िया रानी 

गुड़िया रानी, गुड़िया रानी
बुद्धि में तू, बड़ी सयानी।

अपने मन की, हो महारानी
नानी से सुनती हो, रोज कहानी ।

बिहार की हो, रहने वाली
पटना है तेरी राजधानी।

बिहार में हैं, अरतीस जिले
फ्राॅक पहनी हो, लाल और पीले।

बारिश बरस रही है, झमझम
तेरे कपड़े, हो गए गीले ।

बिहार की लंबी नदी है, गंगा रानी
इनके शुद्ध, होते हैं पानी।

तेरे पापा का नाम है, रामू मंडल
बिहार में हैं नौ प्रमंडल।

तुम हो सुन्दर, तेरा सादा है ड्रेस
तुम रहती हो जहाँ, वो है भारत देश।

यह है कृषि प्रधान, और ऋषि प्रधान देश
नहीं होता है यहाँ, कभी किसी से कोई क्लेश।

हिन्दु, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई
आपस में हैं, सब भाई-भाई ।

न रखते हैं कोई, किसी से बैर
यहाँ सब हैं अपने, कोई नहीं हैं गैर।

नीतू रानी

प्र. शि. म. वि. बायसी, पूर्णियाँ
बिहार

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