विषय-नववर्ष
प्रेषक-हर्ष नारायण दास
फारबिसगंज,अररिया, बिहार
नववर्ष तेरा अभिनन्दन है।
बड़े-बुजुर्गों का वन्दन है।
नववर्ष आपके जीवन में नव स्वर भर दे।
नव गति ,नवलय नव लहर भर दे।
सुभाष सी शक्ति, विवेकानन्द सी भक्ति भर दे।
नवल चाह, नवल राह, जीवन में नव शक्ति भर दे।
नवल गीत,नवलप्रीत, नवल जीवन का रीति कर दे।
जीवन की नीति नवल,जीवन की जीत नवल कर दे।
करके भक्ति माँ भारती की शक्ति ले लें।
नववर्ष आपको2 देश की भक्ति दे दें।।
धरती भरी रहे हरियाली से।
आपका जीवन भरा रहे खुशियाली से।।
नववर्ष आपको कीर्ति से भर दे।
जीवन में नव-स्फूर्ति भर दे।।
नववर्ष में सुख-शान्ति फैले चारों ओर।
देश का मस्तक ऊँचा हो,महक उठे चहुँओर।।
विश्वगुरु बने भारत जग में हो इसका नाम।
सभी जन नेक हों, सबकोंमिले सद्ज्ञान।।
सभी को मिले देश-भक्ति और आत्म-सम्मान।
कहे हर्ष हर्षाय, भारतवासी को मिले आत्म-ज्ञान।।
हर्ष नारायण
