समझ न पाता, मन घबराता।
जड़मति हूॅं मैं, कुछ कर माता।।
अगर कृपा माँ, कर कुछ दोगी।
हर दुविधा को, अब हर लोगी।।
शरण तुम्हारी, सब सुख दाता।
जड़मति हूॅं मैं, कुछ कर माता।।०१।।
मन अब हारा, नयन निहारा।
जगत सहारा, विलख किनारा।।
सुध-बुध सारी, हर अब जाता।
जड़मति हूॅं मैं, कुछ कर माता।।०२।।
अचरज कैसा, करतब जैसा।
गुण सब पाऊँ, शुभ वर ऐसा।।
रजकण तेरी, सफल बनाता।
जड़मति हूॅं मैं, कुछ कर माता।।०३।।
गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला
बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978
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