नव वर्ष -जैनेन्द्र प्रसाद

Jainendra

नव वर्ष की शुभकामना

आ गया है नया वर्ष,
स्वागत करें सहर्ष,
जीवन की हंसी-खुशी सबको नसीब हो।

अपनों से कोई दूर,
रहे नहीं मजबूर,
जिसे आप चाहें वह, हमेशा करीब हों।

किसी को ना हो अभाव,
मिटे सारे भेदभाव,
मिलजुल कर रहें, अमीर-गरीब हों।

आपस की भूला द्वेष,
उन्नत हो मेरा देश,
प्यार से मनाएंँ जश्न, यही तहजीब हो
आ गया है नया वर्ष,
स्वागत करें सहर्ष,
जीवन की हंसी-खुशी सबको नसीब हो।

अपनों से कोई दूर,
रहे नहीं मजबूर,
जिसे आप चाहें वह, हमेशा करीब हों।

किसी को ना हो अभाव,
मिटे सारे भेदभाव,
मिलजुल कर रहें, अमीर-गरीब हों।

आपस की भूला द्वेष,
उन्नत हो मेरा देश,
प्यार से मनाएंँ जश्न, यही तहजीब हो

0 Likes
Spread the love

Leave a Reply