विवेकानंद – अहीर छंद मानव का निज धर्म । किए सदा शुचि कर्म।। लिए अलौकिक ज्ञान। दिए अलग पहचान।। अद्भुत[...]
वर्षा और जन-जीवन – अमरनाथ त्रिवेदीवर्षा और जन-जीवन – अमरनाथ त्रिवेदी
वर्षा और जनजीवन वर्षा ही देती हम सबकी पहचान । इसके बगैर निकल रही सबकी जान ।। बिन वर्षा के[...]
वर्षा और जीवन – अंजनेय छंद – राम किशोर पाठकवर्षा और जीवन – अंजनेय छंद – राम किशोर पाठक
वर्षा और जीवन – अंजनेय छंद धूम मचाकर बरसा आती। नभ में अपनी नाच दिखाती।। भिन्न-भिन्न वह वेश बनाती। अवनी[...]
बरसात – रुचिकाबरसात – रुचिका
बरसात लो आ गयी बरसात, बदल गए हालात, गर्मी से राहत मिले, बदल गए जज़्बात। धरा की मिट गयी प्यास,[...]
वर्षा और जीवन- अमरनाथ त्रिवेदीवर्षा और जीवन- अमरनाथ त्रिवेदी
वर्षा और जीवन वर्षा पर ही जीवन की , गतिविधि सारी चलती है । इसके बिना धरती भी , तवा [...]
जल बूँदों के संग में – मुक्तामणि छंद गीत- राम किशोर पाठकजल बूँदों के संग में – मुक्तामणि छंद गीत- राम किशोर पाठक
जल बूँदों के संग में – मुक्तामणि छंद गीत वर्षा आती देखकर, झूम उठे हैं सारे। जल बूँदों के संग[...]
बच्चों मन से करो पढ़ाई- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’बच्चों मन से करो पढ़ाई- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
बच्चों मन से करो पढ़ाई “”””””””””‘””””””””””””””””””””””””””””””””” बच्चों मन से करो पढ़ाई। तुमको दूँगी दूध मलाई।। नहीं किसी से करो लड़ाई।।[...]
मेरे डॉक्टर – रुचिकामेरे डॉक्टर – रुचिका
मेरे डॉक्टर जो जानता रहा मेरी हर पीड़ा, जिससे कहा मैंने अपनी सारी तकलीफ बिना किसी दुराव और छिपाव के[...]
फूल बड़े हीं कोमल होते- अमरनाथ त्रिवेदीफूल बड़े हीं कोमल होते- अमरनाथ त्रिवेदी
फूल बड़े ही कोमल होते फूल खिले हैं बागों में , ये बड़े ही सुंदर लगते ! ये[...]
चिकित्सक का कार्य – गीतिका – राम किशोर पाठकचिकित्सक का कार्य – गीतिका – राम किशोर पाठक
चिकित्सक का कार्य – गीतिका वैद्य, चिकित्सक, हकीम सारे। सबका जीवन सदा सँवारे।। रक्त, लहू, शोणित, लोहित जो। रुधिर, खून[...]
