रोग का निदान- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’रोग का निदान- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

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रोग का निदान! आइए हवा भरे। संग-संग में चरे।। भागते विहान में। शांत आसमान में।। ∆ स्वेद पूर्ण देह से।[...]

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भारत के अग्निवीर – गीत – राम किशोर पाठकभारत के अग्निवीर – गीत – राम किशोर पाठक

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भारत के अग्निवीर – गीत शूर वीर हैं धरती के हम, लिखते हौसलों से तकदीर। हम पीछे हटना क्या जानें,[...]

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भ्रष्टाचार – तमाल छंद गीत – राम किशोर पाठकभ्रष्टाचार – तमाल छंद गीत – राम किशोर पाठक

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भ्रष्टाचार – तमाल छंद गीत किया सभी ने सद्कर्मों से, बैर। भ्रष्टाचार जहाँ फैलाया, पैर।। मुश्किल करना होता अब तो,[...]

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दर्श का फूल खिलेगा- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’दर्श का फूल खिलेगा- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

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दर्श का फूल खिलेगा। दौड़ रहा है कंस,नहीं है कोई चारा। ऑंख फाड़कर देख,रहा घिरता ॲंधियारा।। आया तेरा जन्म,दिवस तम[...]

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उपयोगी वृक्ष – कर्ण छंद – राम किशोर पाठकउपयोगी वृक्ष – कर्ण छंद – राम किशोर पाठक

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उपयोगी वृक्ष – कर्ण छंद तरुवर का रखकर ध्यान, सदा जीवन को सुखमय पाते। देकर इनको हम मान, धरा को[...]

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पहचान बचा कर रख लेनापहचान बचा कर रख लेना

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पश्चिमीकरण,औद्योगीकरण और नगरीकरण के बढ़ते प्रभाव के कारण हमारी ग्रामीण संस्कृति की पहचान खत्म होती जा रही है। पाश्चात्य अंधानुकरण[...]

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एक अनोखी प्रेम कहानी- गीत- राम किशोर पाठकएक अनोखी प्रेम कहानी- गीत- राम किशोर पाठक

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एक अनोखी प्रेम कहानी- गीत युग पुरुष एक ऐसा देखा, देखी जिसमें अलग रवानी। आओ तुमको याद दिलाए, एक अनोखी[...]

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