Amarnath Trivedi

शब्द भेद की सार्थकता – अमरनाथ त्रिवेदीशब्द भेद की सार्थकता – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:55 pm

शब्द भेद की सार्थकता शब्द  में   कितनी     शक्ति    छिपी   है , हम     इस    बात    को   जरा    जानें[...]

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शब्द भेद को जानें – राम किशोर पाठकशब्द भेद को जानें – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:52 pm

शब्द-भेद को जानें देववाणी सुता है हिंदी। भारत माता की है बिंदी।। आओ इसका रूप निहारे। बहती जिसमें भाव हमारे।।[...]

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Amarnath Trivedi

शब्द भेद की व्यापकता – अमरनाथ त्रिवेदीशब्द भेद की व्यापकता – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:30 pm

शब्द भेद की व्यापकता अक्षर- अक्षर  से  बनते शब्द , मैं उस शब्द के भेद बताने आया हूँ । उस[...]

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शब्दों के हैं रूप निराले – चौपाई छंद – राम किशोर पाठकशब्दों के हैं रूप निराले – चौपाई छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:28 pm

शब्दों के हैं रूप निराले – चौपाई छंद यूँ जो ध्वनियाँ बोली जाती। भावों को अपने बतलाती।। वर्णों से जो[...]

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Amarnath Trivedi

पुस्तक है हम सबका साथी- अमरनाथ त्रिवेदीपुस्तक है हम सबका साथी- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:29 pm

पुस्तक है हम सबका साथी पुस्तक है हम  सबका  साथी , ज्ञान विज्ञान की है यह  बाती । नया  सवेरा[...]

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मौसम गर्मी वाला आया-चौपाई छंद – राम किशोर पाठकमौसम गर्मी वाला आया-चौपाई छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:17 pm

मौसम गर्मी वाला आया- चौपाई छंद – बाल कविता बिटिया रानी सुनो कहानी। दुनिया करती है नादानी।। कभी न करना[...]

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Amarnath Trivedi

उमड़- घुमड़ कर बरसो बादल – अमरनाथ त्रिवेदीउमड़- घुमड़ कर बरसो बादल – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:06 pm

उमड़- घुमड़ कर बरसो बादल केवल बादल नहीं बरसात भी हो , प्रचंड  गर्मी   पर  आघात  भी हो । कुछ [...]

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Snehlata

कोयल – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’कोयल – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

0 Comments 10:03 pm

कोयल कोयल भोली भाली है, बोली बहुत निराली है। श्याम सलोनी प्यारी है, धुन तेरी मतवाली है। तेरी बोली सुनने[...]

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गर्मी छुट्टी मना रही हूॅं – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘गर्मी छुट्टी मना रही हूॅं – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘

0 Comments 9:59 pm

गर्मी छुट्टी मना रही हूॅं। इतनी है आसान पढ़ाई, कर लो माते बड़ी भलाई, संग ककहरा आकर सीखो, सीखी नहीं[...]

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गौ माता को हम-सब जानें – राम किशोर पाठकगौ माता को हम-सब जानें – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:57 pm

गौ माता को हम-सब जानें – बाल कविता दुग्ध, क्षीर, पय, गोरस लाना। स्तन्य, पीयूष, दोहज जाना।। सुधा, सोम हीं[...]

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