बालमन में मेले का उत्साह – अवधेश कुमारबालमन में मेले का उत्साह – अवधेश कुमार

0 Comments 3:41 pm

मेले में छा जाती है,रंग-बिरंगी रोशनी की चमक,गुब्बारे, झूले, मिठाई की महक,आँखों में जाग उठती है नई-नई चमक।बर्गर , मोमोज[...]

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Ram Kishor Pathak

माता से विनय – राम किशोर पाठकमाता से विनय – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:48 am

माता से विनय- चौपाई छंद सुन लो माता विनय हमारी।तेरी महिमा न्यारी – न्यारी।।दुष्टों का संहार किया है ।भक्तों का[...]

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Ram Kishor Pathak

सफल होना – राम किशोर पाठकसफल होना – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:43 pm

बासंती छंद वार्णिक आओ मेरे पास, सफल जो चाहो होना।भूलो सारी बात, अगर चाहोगे सोना।।हारे वैसे लोग, सतत आगे जो[...]

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विज्ञान टीएलम बनाते बच्चे – अवधेश कुमारविज्ञान टीएलम बनाते बच्चे – अवधेश कुमार

0 Comments 11:34 pm

खिलखिलाती आँखों में चमक नए विचारों की,गुरुजी जगाते चिंगारी सृजन-संसारों की।कागज़, रंग और विज्ञान के छोटे-छोटे खजाने,बना जाते हैं ऐसे[...]

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नाइट शिफ्ट की संवेदना – अवधेश कुमारनाइट शिफ्ट की संवेदना – अवधेश कुमार

0 Comments 11:31 pm

कभी आओ जो फुर्सत में,तो कुछ बातें कर लें,जो ठहर गई है ज़िंदगी,उसका भी हिसाब कर लें। शाम से सुबह[...]

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मन अगर वैधव्यमय हो.. डॉ स्वराक्षी स्वरामन अगर वैधव्यमय हो.. डॉ स्वराक्षी स्वरा

0 Comments 7:41 pm

मन अगर वैधव्यमय होतन सजाकर क्या करूंगी? चाह कब मैंने किया थास्वर्ण से यह तन सजानाऔर तो इच्छा नहीं थीआसमां[...]

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बेटी अभिशाप नहीं वरदान है – पूजा कुमारीबेटी अभिशाप नहीं वरदान है – पूजा कुमारी

0 Comments 7:32 pm

जाने क्यों लोग बेटी को बोझ समझते हैं। बेटी कोई अभिशाप नहीं यह तो आंगन की लक्ष्मी है।। किसी के[...]

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Ram Kishor Pathak

नमन तुम्हें है विधाता – राम किशोर पाठकनमन तुम्हें है विधाता – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:37 pm

श्याम समवर्णिक छंद नमन तुम्हें है विधाता।सबल हमें जो बनाता।।अगर तुम्हें रास आता।सहज बने सर्व ज्ञाता।। हम-सब अज्ञान पाले।मगन सभी[...]

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