धरती की पुकार धरती कहे पुकार के, अब सुन लो मेरे लाल। हर सुख-सुविधा तुम यहाँ से पाते, फिर,क्यों नहीं[...]
निहारे जा रहा हूॅं मैं- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’निहारे जा रहा हूॅं मैं- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
निहारे जा रहा हूॅं मैं। फिर से चित्र बनाने को, फिर से इत्र सुॅंघाने को, लेकर खुशी के ढोल-,नगारे जा[...]
धरा को बचाएँ- रुचिकाधरा को बचाएँ- रुचिका
धरा को बचाएँ ये विकास की बढ़ती रफ्तार है, पेडों पर हो रहा देखो वार है। एक तरफ पेड़ लगाने[...]
खूब लगाएँ पेड़- मनु कुमारीखूब लगाएँ पेड़- मनु कुमारी
खूब लगायेें पेड़ (दोहा छंद) कुदरत को हमने दिया, विविध रूप से छेड़। आओ लें संकल्प अब , खूब लगायें[...]
कहर कुदरत का- बिंदु अग्रवालकहर कुदरत का- बिंदु अग्रवाल
कहर कुदरत का कुदरत का यह कहर है, या फिर मानव ने विष घोला है। हाहाकार मचा धरती पर, किसने[...]
पेड़ लगाओ पर्यावरण बचाओ – मृत्युंजय कुमारपेड़ लगाओ पर्यावरण बचाओ – मृत्युंजय कुमार
पेड़ लगाओ – पर्यावरण बचाओ आओ पेड़ लगाए हम। पर्यावरण को स्वच्छ बनाए हम।। पेड़ – पौधों के संरक्षण को,[...]
आओ मिलकर पेड़ लगाएँ- ताटंक छंद गीत – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’आओ मिलकर पेड़ लगाएँ- ताटंक छंद गीत – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
आओ मिलकर पेड़ लगाएँ विधा: गीत छंद – ताटंक(१६-१४) रचनाकार: देवकांत मिश्र ‘दिव्य’ “”””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” आओ मिलकर पेड़ लगाएँ, यह संकल्प[...]
विश्व पर्यावरण दिवस – कुण्डलिया- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’विश्व पर्यावरण दिवस – कुण्डलिया- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
विश्व पर्यावरण दिवस- कुण्डलिया चिंतन हरदम हम करें,तभी मिलेंगे त्राण। लिए दिवस पर्यावरण,चलें बचाने प्राण।। चले बचाने प्राण,जिंदगी पावन कर[...]
आओ पेड़ लगाएँ हम – रत्ना प्रियाआओ पेड़ लगाएँ हम – रत्ना प्रिया
आओ पेड़ लगाएँ हम पर्यावरण शुद्ध रखना है तो, आओ पेड़ लगाएँ हम । धरती के सूने आँचल में, हरियाली[...]
पर्यावरण की समस्या और निदान – अमरनाथ त्रिवेदीपर्यावरण की समस्या और निदान – अमरनाथ त्रिवेदी
पर्यावरण की समस्या और निदान पर्यावरण की बिगड़ती सूरत , बड़ी समस्या बनी आज की है । कैसे इसे पटरी[...]
