धरती की पुकार बचपन ने जहाँ देखा खेतों- खलिहानों को, आज वहीं देख रहें उगते हुए मकानों को। हवा में[...]
अंग्रेजी भाषा में शिक्षण की सार्थकता – अमरनाथ त्रिवेदीअंग्रेजी भाषा में शिक्षण की सार्थकता – अमरनाथ त्रिवेदी
अंग्रेजी भाषा में शिक्षण की सार्थकता विश्वव्यापी अंग्रेजी भाषा का , कभी हम दरकिनार नहीं कर सकते । शिक्षण कार्य में[...]
मौसम का रुख गया बदल- भूषण छंद गीत – राम किशोर पाठकमौसम का रुख गया बदल- भूषण छंद गीत – राम किशोर पाठक
मौसम का रुख बदल रहा – भूषण छंद गीत सबको विचार करना यह, एक साथ है मिलजुल कर। मौसम का[...]
भाषा शिक्षण में अंग्रेजी का महत्व – ताटंक छंद गीत – राम किशोर पाठकभाषा शिक्षण में अंग्रेजी का महत्व – ताटंक छंद गीत – राम किशोर पाठक
भाषा शिक्षण में अंग्रेजी का महत्व- ताटंक छंद गीत भाषा चाहे कोई भी हो, वह संपर्क बनाती है। हृदय भाव[...]
क्या मैं अबोध हूॅं – राम किशोर पाठकक्या मैं अबोध हूॅं – राम किशोर पाठक
क्या मैं अबोध हूॅं। माँ सुनो तो, एक बात जरा, क्या मैं अबोध हूॅं ? पाँच वर्ष की हो गयी,[...]
बचपन – रूचिकाबचपन – रूचिका
बचपन बगीचे में नही जाता बचपन, बागों की दौड़ नही लगाता बचपन, मोबाईल की दुनिया में देखो कैसे अब गुम[...]
बहुत गरम हुए सूरज दादा- अमरनाथ त्रिवेदीबहुत गरम हुए सूरज दादा- अमरनाथ त्रिवेदी
बहुत गरम हुए सूरज दादा बहुत गरम हुए सूरज दादा, कोई उन्हें समझाए न। कैसे हमारे दिन कटेंगे, कोई उन्हें[...]
हमहु स्कूल जैबय- कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’हमहु स्कूल जैबय- कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
हमहु स्कूल जैबय (अंगिका कविता) बस्ता लेके हमहु मैय्या स्कूल पढ़े जैबय। पढ़-लिखकर हमहु बड़ो आदमी बन जैबय।। बड़ो आदमी[...]
दिल तो बच्चा है जी – बाल गीत – रत्ना प्रियादिल तो बच्चा है जी – बाल गीत – रत्ना प्रिया
बाल गीत (दिल तो बच्चा है जी) ……………………… बचपन की अठखेली, प्यारी-प्यारी बोली, पल में रूठें, मानें, हर गम से[...]
सीख- विजात छंद मुक्तक – राम किशोर पाठकसीख- विजात छंद मुक्तक – राम किशोर पाठक
सीख- विजात छंद मुक्तक सदा वाणी सहज बोलें। नहीं विद्वेष को घोलें।। अगर कोई सताए तो। नहीं चुपचाप से रो[...]
