विधा – मनहरण छंद तड़ाग में भरा पंक, अब खिलेगा सारंग, पुष्प पर बैठे अलि, बना है शरारती। लुभावने लग[...]
आओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठकआओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठक
द्विगुणित सुंदरी छंद आओं दीप जलाएं, सबको राह दिखाएं। सच करना सपनों को, आओं हम सिखलाएं।। देखो अनपढ़ कोई, भूल[...]
खाकर हो जाते हवा हवाई – नीतू रानीखाकर हो जाते हवा हवाई – नीतू रानी
पृथ्वी दिवस मनाइए, साल में दो पेड़ लगाइए।। पृथ्वी को रखिए सुरक्षित, लगाइए उस पर सुंदर-सुंदर वृक्ष।। उपजाइए पृथ्वी पर[...]
पृथ्वी को सुरक्षित करें – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”पृथ्वी को सुरक्षित करें – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”
आओ हम सब मिलकर एक नया प्रयास करें। पृथ्वी भी होती है दुखित, इसका आभास करें।। हम सब तो अपने[...]
धरती माँ की पुकार – सुरेश कुमार गौरवधरती माँ की पुकार – सुरेश कुमार गौरव
धरती माँ की बेहद करुण कहानी, सुन लो हे मानव! मत करो नादानी। पेड़ कटे, नदियाँ सूखीं, ज़मीन हुई कम,[...]
शहर की चीख – अवनीश कुमारशहर की चीख – अवनीश कुमार
धक्के खाते लोग, दर-दर भटकते लोग, जहरीली हवा निगलते लोग, सपनों को रौंदते–कुचलते, एक-दूसरे से आगे निकल जाने की चाह[...]
कुंवर सिंह: बलिदान की गाथा -सुरेश कुमार गौरवकुंवर सिंह: बलिदान की गाथा -सुरेश कुमार गौरव
जय-जय वीर कुंवर बलिदानी, भारत माँ के भक्त स्वाभिमानी। अस्सी वर्ष में भी थी ललकार, शौर्य-ध्वजा उठा कर दी यलगार।।[...]
मिल जुलकर ये प्रण दुहराएं – रूचिकामिल जुलकर ये प्रण दुहराएं – रूचिका
आओ सब हम मिलजुलकर ये प्रण दुहराएं, हरित धरा के लिए सदा प्रयत्न हम कर जाएं। अनावश्यक पेड़ों की कटाई[...]
हम सब धरती की संतान हैं – नूतन कुमारीहम सब धरती की संतान हैं – नूतन कुमारी
विश्व को बनाएं सुसंगठित परिवार, अपनी धरा को दें खुशियाँ अपार। हर चेतना में करें नव ऊर्जा का संचार, धर्म[...]
पृथ्वी दिवस – राम किशोर पाठकपृथ्वी दिवस – राम किशोर पाठक
विषय – पृथ्वी दिवस छंद – कुण्डलिया पृथ्वी दिवस मनाइए, करिए सदा विचार। फैल रहे प्रदूषण का, करना कम रफ्तार।।[...]
