हे स्वामी! जग में ज्ञानदीप आपने जलाया, हर हृदय में नवचेतना को खूब सजाया। कर्म का संदेश देकर विश्व[...]
हम हिन्दी के दिवाने हैं – रामकिशोर पाठकहम हिन्दी के दिवाने हैं – रामकिशोर पाठक
यह अंग्रेजी का जमाना है, हम हिन्दी के दिवाने हैं। होता समाज का नवीनीकरण, और हमारे ख्याल पुराने हैं।।[...]
राष्ट्रधर्म निभाती हिन्दी – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या”राष्ट्रधर्म निभाती हिन्दी – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या”
हिंदी! संस्कृत की जाई, देवनागरी लिखाई, स्वर व्यंजन वर्ण, सब से बन है पाई। हिंदी ! सुपाठ्य और सुलेख्य, कुछ[...]
हिन्दी हमारी शान है- सुरेश कुमार गौरवहिन्दी हमारी शान है- सुरेश कुमार गौरव
हिन्दी हमारी शान है, हिन्दी है पहचान, संस्कृति का अभिमान, हिन्दी का गान। मिट्टी की खुशबू में रचती यह[...]
मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
टहनियों पत्तियों से ओस है टपक रही, कुहासे से पटा हुआ, खेत-वन-बाग हैं। तन को गलाता तेज पछुआ पवन बहे,[...]
दुश्मनी कभी न पालिए- अमरनाथ त्रिवेदीदुश्मनी कभी न पालिए- अमरनाथ त्रिवेदी
अगर दोस्त किसी के बन न सके, तो दुश्मनी भी किसी से न पालिए। ईर्ष्या, द्वेष, घृणा की आग [...]
वीरता की गाथा व संदेश – सुरेश कुमार गौरववीरता की गाथा व संदेश – सुरेश कुमार गौरव
शस्त्रों की शान, देश धर्म की पहचान, हर युग में जिनसे गौरव पाता इंसान। वीर सपूत गुरु गोविंद, महान[...]
दोहावली- रामकिशोर पाठकदोहावली- रामकिशोर पाठक
किसके मन में क्या यहॉं, जान सका कब कोय। कोई दुख से रो रहा, कोई सुख में रोय।। उलझन[...]
कुछ नवीन सृजन करो- कुमकुम कुमारीकुछ नवीन सृजन करो- कुमकुम कुमारी
त्यागकर व्यग्रता को अब तुम, मनन करना शुरु करो। कठिन परीक्षा अभी बहुत है, मन को तुम धीर करो।[...]
बहती शीतल मंद बयार- अमरनाथ त्रिवेदीबहती शीतल मंद बयार- अमरनाथ त्रिवेदी
देखो मौसम यह कैसा आया है, सर्द हवा संग लाया है। प्रकृति के अनमोल पलों में, जीवन का राग सुनाया[...]
