कछुए की चाल धीरे-धीरे चलता कछुआ, धैर्य-ध्वनि-सा बलता कछुआ। शांत, सहज, संकल्पी लगता, मौन मगर हर पलता कछुआ।। जल-थल दोनों[...]
विश्व कछुआ दिवस – भूषण छंद – राम किशोर पाठकविश्व कछुआ दिवस – भूषण छंद – राम किशोर पाठक
विश्व कछुआ दिवस – भूषण छंद आज हुआ कछुआ दुर्लभ, रहता है जल के भीतर। कर सकता भी है थल[...]
शिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता – अमरनाथ त्रिवेदीशिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता – अमरनाथ त्रिवेदी
शिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता सही शिक्षा सफल तभी होती , जिसमें मातृभाषा का उपयोग निश्चित हो । मातृभाषा ही[...]
शौर्य की शपथ – सुरेश कुमार गौरवशौर्य की शपथ – सुरेश कुमार गौरव
“शौर्य की शपथ” हिंसा की ज्वाला न जलने देंगे, भारत माँ को न छलने देंगे। धरती पर जो शांति उगाई,[...]
राष्ट्रीय आतंक विरोधी दिवस – राम किशोर पाठकराष्ट्रीय आतंक विरोधी दिवस – राम किशोर पाठक
राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस – गजल आप आतंक से लड़ सकें जो कभी, रोज डर से निशाना बनेगा नहीं। कौन[...]
मातृभाषा का शैक्षिक उपयोग – भूषण छंद – राम किशोर पाठकमातृभाषा का शैक्षिक उपयोग – भूषण छंद – राम किशोर पाठक
मातृभाषा का शैक्षिक उपयोग – भूषण छंद जीवन का पहला अक्षर, जिस भाषा का होता स्वर। चित का तार जुड़े[...]
क्रिकेट में वह छाया सोना – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानक्रिकेट में वह छाया सोना – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान
क्रिकेट में वह छाया सोना। खेल खेलना अच्छा लगता। खेल नहीं तो जीवन खलता।। जीवन को हिस्सों में बाॅंटो। बचपन[...]
लोरी: ममता की मीठी छाया – सुरेश कुमार गौरवलोरी: ममता की मीठी छाया – सुरेश कुमार गौरव
लोरी: ममता की मीठी छाया चंदा मामा पास बुलाते, तारे झिलमिल झूला झुलाते, माँ की गोदी, प्यार की बूँदें, सपनों[...]
गर्मी की रात – आशीष अम्बरगर्मी की रात – आशीष अम्बर
गर्मी की रात । भली – भली सी लगती मुझको , ये गर्मी की रात । छत के ऊपर हल्का[...]
बच्चों को सीख- रुचिकाबच्चों को सीख- रुचिका
बच्चों को सीख सुबह सवेरे तुम उठ जाओ, पढ़ने में तुम ध्यान लगाओ, खेलो कूदो मौज करो तुम, जीवन में[...]
