दादा जी फुलझड़ी चाहिए, जगमग वाली लड़ी चाहिए, हम भी दीप जलाएँगे, दिवाली आज मनाएँगे। देखो पटाखे फूट रहे[...]
दीप जलाएँ- अमरनाथ त्रिवेदीदीप जलाएँ- अमरनाथ त्रिवेदी
मिलकर ऐसे दीप सजाएँ, हर कोने के तम को हर लें। सब मिलकर ऐसे दीप जलाएँ, हर खुशियों को [...]
स्लेट है तेरा भविष्य – रामपाल सिंह ‘अनजान’स्लेट है तेरा भविष्य – रामपाल सिंह ‘अनजान’
यह स्लेट है तेरा भविष्य, तेरे संग है किसी का असीस। लग रहा है तुम अबोध नहीं, उन रेखाओं का[...]
मानव है वही जो- अमरनाथ त्रिवेदीमानव है वही जो- अमरनाथ त्रिवेदी
मानव है वही जो , मानव के काम आए। इंसानियत उसी में, जो शराफत से पेश आए।। खतरे बहुत अधिक[...]
दोहावली – रामपाल सिंह ‘अनजान’दोहावली – रामपाल सिंह ‘अनजान’
प्रात काल वो सूर्य को, करती प्रथम प्रणाम। सूर्य देव आशीष दें, रहे सुहाग ललाम।। प्रातकाल से है लगी, सजा[...]
विधाता छंद – एस. के. पूनमविधाता छंद – एस. के. पूनम
दरस देतीं प्रथम माता, कहाँ हो तुम चली आतीं। क्षुधा प्यासा ललन बैठा, पके दाना तुम्हीं लातीं। दया कर के[...]
अभियान गीत- रामकिशोर पाठकअभियान गीत- रामकिशोर पाठक
छोटे बड़े का भेद रहे न, हम सबको गले लगाएँगे। बच्चे बूढ़े जवान साथ में, हम शिक्षित सबको बनाएँगे।।[...]
अदृश्य जीवन चालक- अमरनाथ त्रिवेदीअदृश्य जीवन चालक- अमरनाथ त्रिवेदी
यह जीवन क्या है ? जहाँ संवेदनाओं के तार जुड़ते हैं, अपने कहाने वाले भी मुड़ते हैं। मनुष्य कभी अपनों[...]
अदृश्य जीवन चालक- अमरनाथ त्रिवेदीअदृश्य जीवन चालक- अमरनाथ त्रिवेदी
कोई तो चलानेवाला होता है यह जीवन क्या है ? जहाँ संवेदनाओं के तार जुड़ते हैं, अपने कहाने वाले भी[...]
हृदय का कूप माँ – अवनीश कुमारहृदय का कूप माँ – अवनीश कुमार
माँ! केवल माँ नहीं है वो, घर का दीया है, दीये की बाती है, चूल्हे की आग है, तवे[...]
