सुन री सखी! यदि वे मुझसे कह न पाते, लिख कर ही अपनी व्यथा छोड़ तो जाते। विश्वास के बंधन[...]
भगवान विश्वकर्मा- अमरनाथ त्रिवेदीभगवान विश्वकर्मा- अमरनाथ त्रिवेदी
सजी धजी यह धरा सुहानी , कितनी प्यारी लगती है। विश्वकर्मा जी की कृपा मात्र से , यह छटा निराली [...]
मैं हूँ हिंदी- विवेक कुमारमैं हूँ हिंदी- विवेक कुमार
मैं हूँ हिंदी, कहने के लिए, आपकी बिंदी, सर का ताज हूँ, राज-काज का साधन, भाषा की अभिव्यक्ति हूँ, पतंगों[...]
यही हमारी हिन्दी है- संजीव प्रियदर्शीयही हमारी हिन्दी है- संजीव प्रियदर्शी
. जिस वाणी में बोल रहा हूँ यही हमारी हिन्दी है। माॅम- डैड संस्कार न अपना, माँ- बाबूजी हिन्दी[...]
मेरी नानी – मनु कुमारीमेरी नानी – मनु कुमारी
कितनी प्यारी मेरी नानी रोज सुनाती हमें कहानी। परीलोक की सैर कराती, बात -बात में हमें हँसाती। मम्मी जब[...]
विधाता छंद – एस. के. पूनमविधाता छंद – एस. के. पूनम
सहज हिंदी सरल भाषा, धरातल भी दिवाना है। कहीं बिंदी कहीं नुक्ता, जमाना भी पुराना है। चलीं कलमें जगी आशा,[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
हिंदी अमरतरंगिनी, जन-जन की है आस। सच्चे उर जो मानते, रहती उनके पास।। हिंदी भाषा है मधुर, देती सौम्य मिठास।[...]
भारत की पूर्ण पहचान हिंदी – सुरेश कुमार गौरवभारत की पूर्ण पहचान हिंदी – सुरेश कुमार गौरव
हिन्दी बनी मातृभाषा, तब भाषा की जननी थी। इस समृद्ध भाषा ने देश को एक नई पहचान दी।। चहुँ[...]
प्यारी भाषा हिंदी – अमरनाथ त्रिवेदीप्यारी भाषा हिंदी – अमरनाथ त्रिवेदी
हिंदी हैं हम वतन हैं , यह हिंदोस्ता हमारा। यह भाषा बहुत सरल है, यह सौभाग्य है हमारा।। हिंदी जितनी [...]
हिंदी दिवस – दीपा वर्माहिंदी दिवस – दीपा वर्मा
हिंदी दिवस आया आज है, सब भाषा पर इसका राज है। मातृभाषा कहलाती है, देश का मान बढाती है। अपनी[...]
