Devkant

प्रेम दिव्य अनुभूति परम है- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’प्रेम दिव्य अनुभूति परम है- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

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प्रेम दिव्य अनुभूति परम है आओ हम विश्वास बढ़ाएँ। प्रेम मग्न हों प्रभु को भजकर, अंतर्मन नव भाव जगाएँ। प्रेम[...]

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Kumkum

मेघा रे- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”मेघा रे- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

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आ जाओ रे मेघ, इतना मत न इतराओ। उजड़ रहा खलिहान,थोड़ा नीर बरसाओ।। हैं बहुत परेशान,तप रही धरा हमारी। कृपा[...]

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Devkant

दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

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पिता विटप की छाँव है, देता शिशु आराम। रोटी कपड़ा गेह भी, सुखद सृष्टि आयाम।। पिता शांति का दूत है,[...]

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Atul mayank

मेरे पापा – अतुल मयंक श्रीवास्तवमेरे पापा – अतुल मयंक श्रीवास्तव

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मेरे पापा,महान पापा, मेरी दुनिया,जहान पापा। मम्मी ने जन्म दिया, पापा ने पाला है, मम्मी के साथ-साथ, पापा ने भी[...]

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Meera Singh

मेरे पिता – मीरा सिंह “मीरा”मेरे पिता – मीरा सिंह “मीरा”

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साहस शौर्य और पराक्रम के प्रतीक जीवन से भरपूर बलिष्ठ कंधे पर बैठकर मैं दुनिया के सर्वोच्च शिखर पर आसीन[...]

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Devkant

शेक्सपियर सानेट शैली – देव कांत मिश्र ‘दिव्यशेक्सपियर सानेट शैली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य

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पिता उम्मीद एक आस है। संतानों की दिव्य पहचान। परिवार अटूट विश्वास है। स्वाभिमान तो कभी अभिमान। कभी पिता निज[...]

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