समस्त विश्व मे सम्मुख यह काया , सदा -सदा अति न्यारी । प्रेयसी बन विचरण करती यह , कभी माँ[...]
चालाक नहीं- अमरनाथ त्रिवेदीचालाक नहीं- अमरनाथ त्रिवेदी
चालाक नही ; बुद्धिमान बनो , कर्मवान बनो ; द्युतिमान बनो । अपमान नही ; सम्मान करो , सबका हित[...]
बधाई हो -जयकृष्णा पासवानबधाई हो -जयकृष्णा पासवान
धरती की तू पताल रस से, विद्या का रसपान किया। बादल- बरसे और बिजली, चमकी फिर दरिया भी तूफान किया।।[...]
बसंत बहार- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बसंत बहार- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
घनाक्षरी छंद में (१) बागों में बहार आई, मन में उमंग छाई , भांति-भांति फूल देख, छूटे फुलझड़ियां। जहां भी[...]
कलयुग सा संसार- नीतू रानीकलयुग सा संसार- नीतू रानी
ये है कलयुग सा संसार जिसमें है दुखों का भंडार, यहाँ लड़ाई-झगड़े रोज हैं होते होते हैं मारकाट। ये है[...]
मनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनम
छंद:-मनहरण घनाक्षरी “सियाराम” पहनते पीताम्बर,सियाराम साथ-साथ, भोर उठे साथ चले,प्रीतम का प्रीत है। हाथ पकड़े सिया का,कभी न अलग हुआ,[...]
दोहे- अमरनाथ त्रिवेदीदोहे- अमरनाथ त्रिवेदी
जीव न काटे काल को ; कालहि काटे जीव , दुनिया ऐसी सिमट गई , पड़ा द्वंद्व में जीव ।[...]
जिंदगी का सफ़र- जयकृष्णा पासवानजिंदगी का सफ़र- जयकृष्णा पासवान
घटा बनके मस्त गगन में, कजरी संग झूम जाता है। “राहों के मुसाफिर” यादों में बहकर।। सपनों का ख़्वाब सजाता[...]
बाल पहेलियां- मीरा सिंह “मीरा”बाल पहेलियां- मीरा सिंह “मीरा”
1 देखो दौड़े-दौड़े आएं सभी दिशा में हैं छितराएं कहीं कुछ भी नजर ना आए धुंधली धुंधली सभी दिशाएं।। 2[...]
मनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनम
सजी-धजी है वादियां,रंग-बिरंगे फूलों से, गुलाबों की पंखुड़ियां,बिखेरी सुगंध है। देव उतरे बागों में,शीश झुकाए खड़े हैं, भींगी-भींगी अँखियाँ,खुशियाँ अगाध[...]
