ये शहर था जो कभी ख्वाबों का विशाल महलों के नवाबो का कैसी आज ये घनघोर घटा है धरा पर[...]
अ से होता अनार- अशोक कुमारअ से होता अनार- अशोक कुमार
अ से होता अनार, इसका बड़ा उपकार| इसके सेवन से होता, सभी रोगों का विकार|| आ से होता आम, इसका[...]
हमें बताएं- मीरा सिंह “मीरा”हमें बताएं- मीरा सिंह “मीरा”
घर का कचरा फेंक सड़क पर चले कहां भैया इतरा कर? क्या सोचा है कभी आप ने होगा कितना जीना[...]
जीवन धारा – मनोज कुमारजीवन धारा – मनोज कुमार
वृक्षों की पत्ती जब धरा पर गिरती है, जीवन की धारा को यूँ कहां छोड़ती है। सूर्य की प्रभा से[...]
दीपावली – एम के शशिदीपावली – एम के शशि
दीपों की जगमग से, आशियाना खिल गया। उसको भी जैसे , मुस्कुराने का सवब मिल गया। त्यौहार आया,जगमगाते हैं दीप[...]
दिवाली की सौगात – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’दिवाली की सौगात – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
आओ मिलकर दीप जलाएं दिवाली की रात में, दिल का अंधेरा दूर है होता प्रेम की सौगात में। दिन रात[...]
काल-खण्ड – एस.के.पूनमकाल-खण्ड – एस.के.पूनम
संसार में समय एक सा रहता नहीं है सदा, आज जहाँ उत्सव- काल है कल वहाँ शोकाकुल होगा, आज जहाँ[...]
रिश्ते – धीरज कुमाररिश्ते – धीरज कुमार
हर किसी से सीधा रिश्ता किसी का जुड़ा है नही। हर किसी के लिए सीधे जुड़ कर रिश्ते बनाते हैं[...]
मेरी दिवाली – संजय कुमारमेरी दिवाली – संजय कुमार
दूर खड़ा मुस्कान लिए वह फुलझड़ियों की दुकानों पे छोटी सी अंजुलि में उसको कुछ सिक्के गिनते देखा था गहरी[...]
आस की रौशनी – कंचन प्रभाआस की रौशनी – कंचन प्रभा
फूलों की खुशबू नभ प्रभात की आस भवरों की गूँजन संसार का मोह पाश है तिमिर लौ उस खण्डहर में[...]
