मैं हूँ हिन्दी भाषा, यही है मेरी परिभाषा, मैं सबके मुख पर रहती, मैं हूँ मातृभाषा मैं हूँ हिन्दी भाषा।[...]
हिंदी मधुरिम सरगम है -एम० एस० हुसैनहिंदी मधुरिम सरगम है -एम० एस० हुसैन
भाषा की डोरी थामकर चलना सिखाया हिंदी ने भेदभाव को भूलकर है सबको अपनाया हिंदी ने अपनी मधुरता में है[...]
हिंदी दिवस – नीतू रानीहिंदी दिवस – नीतू रानी
✍️हिंदी हृदय की वाणी है बचपन में मैंने सुनी अपनी नानी से, हिंदी में नयी कहानी है । भाषा की[...]
बेटी धन अनमोल – कुमकुम कुमारीबेटी धन अनमोल – कुमकुम कुमारी
मेरे जन्म से पापा क्यों डरते हो, मुख अपना मलिन क्यों करते हो? बेटी हूँ कोई अभिशाप नहीं, फिर मन[...]
और हम छूट गए-चंचला तिवारीऔर हम छूट गए-चंचला तिवारी
और हम छूट गए तुम चले गए पर हम छूट गए। वक्त बीत गया पर हम छूट गए। सुनी पड़ी[...]
ख्वाब-श्री विमल कुमारख्वाब-श्री विमल कुमार
वो ख्वाब था एक सपना था एक हकीकत था एक यादगार था। एक तेज आंधी आयी तूफान की झोंका आयी[...]
श्रद्धा सुमन-जैनेन्द्र प्रसाद रविश्रद्धा सुमन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
तिनका तिनका जोड़ कर टी ओ वी सा महल बनाया। अपने शब्द,स्नेह और ज्ञान से शिक्षकों ने इसे सजाया।। नाम,[...]
खौफ-सीमा संगसारखौफ-सीमा संगसार
झांकती हुई दो सूनी आंखों में खौफ नहीं जीवन जी लेने की तत्परता है दोनों कानों पर झूलता हुआ बित्ते[...]
अपना भेज के अंतिम संदेश-रमेश कुमार मिश्रअपना भेज के अंतिम संदेश-रमेश कुमार मिश्र
अपना भेज के अंतिम संदेश,छोड़ के अपना देश, परदेश तुम चले गए,परदेश क्यों चले गए बदल के अपना भेष,खुश रहने[...]
TEACHER-नीतू रानीTEACHER-नीतू रानी
विजय सर आप क्यूँ चले गए। आप क्यूंँ चले गए कौन संभालेगा पद्यपंकज का कार्य रो रहा आपके लिए टी[...]
