चौदह वर्ष बाद जब लौटे श्रीराम प्रजा ने दीपों से सजा दिए अयोध्या नगरी के मकान, खुशियों की दीपावली मनाकर[...]
दीपावली- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’दीपावली- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी ****** जगमग दीप जले, चाँद सा भवन खिले, घर-घर लगी आज हैं बल्बों की लड़ियां। उमंग में जग[...]
दीप जले – अशोक कुमारदीप जले – अशोक कुमार
दीप जले दीप जले, घर आंगन दीप जले| चारों तरफ खुशियां है छाई, दीपों का त्योहार आई|| वीर सपूतों के[...]
चलो एक दीप जलाएं – विवेक कुमारचलो एक दीप जलाएं – विवेक कुमार
चलो आज करें शुरुआत, निराशाओं को देकर मात, मन के मैल को हटाएं, तम को मन से दूर भगाएं, जीवन[...]
आओ मन का अंधकार मिटाए – संजय कुमारआओ मन का अंधकार मिटाए – संजय कुमार
आओ मन का अंधकार मिटाए, प्रेम भाव का एक दीप जलाएं। कद्र करें सबकी भावनाओं का, वैर और आपसी रंजिश[...]
ऐसी दीपावली मनाई – मीरा सिंह “मीरा”ऐसी दीपावली मनाई – मीरा सिंह “मीरा”
अपने मन को अवध बनाई सियाराम को हिय बसाई। रोशन घर का कोना कोना ऐसी दीपावली मनाई।। घर आंगन की[...]
लावणी छंद – सुधीर कुमारलावणी छंद – सुधीर कुमार
मात्रा — ३० यति – १६,१४ —————– मन के अंदर दीप जला लो , आओ आज दिवाली में । खुशियों[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्यदोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य
आत्म ज्योति ज्ञानाज्य से, करें दीप्तिमय आज। लेकर नव संकल्प से, रखिए सुखी समाज।। भाव हमेशा उच्च रख, करिए प्रभु[...]
बौनी उड़ान – कंचन प्रभाबौनी उड़ान – कंचन प्रभा
ये उड़ान अभी बौनी है मुझे ऊपर बहुत ही जाना है। ये थकान अभी थोड़ी है मुझे अन्त समय तक[...]
मामा – शेखर कुमार सुमनमामा – शेखर कुमार सुमन
मामा देखो मेरे मामा आए, साथ अपने आम लाए | लीची भी वो लाते है, रसगुल्ले खूब खिलाते है |[...]
