संज्ञा के प्रकार नाम को संज्ञा कहते हैं, जो भी जग में पाया जाता। राम, श्याम, पटना, गंगा, ये सब संज्ञा हैं कहलाता। प्रथम प्रकार है जातिवाचक, जाति का…
चंदा मामा-ब्यूटी कुमारी
चंदा मामा बालक कहता है, चांद से चंदा मामा आओ ना चांदनी फैलाओ ना। अलग-अलग आकार है तेरा मुझे कहानी बताओ ना। अम्मा से कह रंग-बिरंगे कपड़े तेरे बनवाए मैंने…
दादा और पोते के संवाद-दिलीप गुप्ता ‘दीप’
दादा और पोते के संवाद दादा यहां तू कैसे आए, कौन ले आया तुमको। तुम बिन रहे उदास सदा, क्या एहसास है तुमको। मेरा बचपन कट जाता था, खेल-खेल कर…
शरद का चाँद-नूतन कुमारी
शरद का चाँद आज पूर्णिमा शरद की आई, चाँद ने अपनी छटा बिखराई, गगन से अमृत बरस रहा है, प्रकृति ने भी यूँ ली अंगराई। सोलह कलाओं से युक्त चंदा,…
मैं प्रचण्ड प्रबला हूँ-मनु कुमारी
मैं प्रचण्ड प्रबला हूँ मैं अबला नहीं ! प्रचण्ड प्रबला हूँ। मैं ब्रह्मचारिणी और पतिव्रता, कहो शिव की वामांगी या जनक सुता। मैं प्रेम की जननी, हूँ जगत वंदिनी ,…
सर्दी आ रही है-मधु कुमारी
सर्दी आ रही है धीरे धीरे दबे पांव सर्दी आ रही है गर्मी को अब सबक सीखा रही है गर्मी ने हमें खूब सताया सर्दी आया मजा चखाया कोहरे जमकर…
बौद्धिक विचारों के दूत-सुरेश कुमार गौरव
बौद्धिक विचारों के दूत अनुभव को अपनी अभिव्यक्ति पर पूरा गर्व का यह अवसर है भाषा-शब्द और भावों के मेल से कुछ कहने का सुअवसर है। सृजन हो चाहे किन्हीं…
स्तुति-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
नवदुर्गा पूजा मेरी स्वीकारो माता, जग-जननी जगदंबे माता। नवरूप धर मेरी प्यारी मैय्या, घर में मेरे पधारो माता। पूजा मेरी…………………. प्रथम रूप शैलपुत्री माता, हृदय बीच समाओ माता। अपनी अनुपम…
भजन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
भजन तोहर माथे में मुकुट गले हार सोहे ली, माई दसों हाथ तोहर हथियार सोहे ली। कर में कंगन सोहे भाल सोहे बिंदिया, असुरों के देख तोहे आवे नहीं निंदिया।…
नव शक्ति का स्तुति वंदन-दिलीप कुमार
नव शक्ति का स्तुति वंदन पूज्य संत अति पावन मीरा मिटा दुःख भव बंधन पीड़ा रवि ने निर्गुण माधव सुझाया अलख पार आत्मरूप पाया इनके पग पावन भक्ति चंदन नव…