बाल दिवस – १४ नवंबर खेलो-कूदो, खूब पढ़ो, बच्चों तुम जिज्ञासु बनो, मोबाइल से तुम दूर रहो, हो सके तो सदुपयोग करो, सब काम करना सीखो, माता-पिता, मित्रों के साथ,…
बाल दिवस-वासुदेव छंद गीत – राम किशोर पाठक
बाल दिवस पर, वारा है- वासुदेव छंद गीत प्रेम मुदित पल, सारा है। बाल दिवस पर, वारा है।। आओ मिलकर, बच्चों से। वादा कुछकर, सच्चों से।। आँखों का वह, तारा…
बाल दिवस -डॉ स्नेहलता द्विवेदी
बाल दिवस कर लें थोड़ा हम सद्विचार बच्चों को देख मेरे मन का, संताप सहज खो जाता है। बच्चों के साथ में जीने का, सहचर्य अविरल हो जाताहै। बच्चा बन…
आओ हे बनवारी- राम किशोर पाठक
आओ हे बनवारी- गीत हरने कष्ट हमारी। आओ हे बनवारी।। मेरा धर्म बचाना। करना नहीं बहाना।। आस रखी दुखियारी। आओ हे बनवारी।।०१।। जीवन बहुत कठिन है। लेकिन निर्मल मन है।।…
बाल दिवस – नीतू रानी
बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ आप सबों को। विषय- बाल दिवस।शीर्षक -नेहरु जी। आज है 14 नवंबर का दिनआज के दिन हैं बड़े महान,आज हीं जन्म लिए नेहरू जीगाते हम-सब…
मोबाइल – नीतू रानी
शीर्षक -बच्चों को भाता मोबाईल। 1 बच्चों को भाता मोबाईल ,मोबाईल मेरी सखियाबच्चों को ————२। 2 . स्कूल से आए तो खाना पर बैठे ,हाथों में लेकर मोबाईल।मोबाईल मेरी सखिया…
शोर मचा – राम किशोर पाठक
शोर मचा- वासुदेव छंद गीत सुरभित है सब, कली-कली।शोर मचा अब, गली-गली।। आया मौसम, सर्दी का।पीते हैं पय, हल्दी का।।सर्द हवा जब, चली-चली।शोर मचा अब, गली-गली।।०१।। लगता मनहर, धूप खिला।फूलों…
सत्य की ज्योति- कार्तिक कुमार
जब सब ओर अंधियारा छा जाए जब झूठ का शोर बढ़ जाए, जब लोग सत्य को मौन कर दें — तब भीतर की ज्योति को जलाए रखना। यह ज्योति बाहर…
छंदों को भी गढ़ना चाहूंँ – राम किशोर पाठक
छंदों को भी गढ़ना चाहूँ- गीत गीत गजल मैं पढ़ना चाहूँ।छंदों को भी गढ़ना चाहूँ।। पर मुझको कुछ ज्ञान नहीं है।शब्द शक्ति का भान नहीं है।।कविता पथ पर बढ़ना चाहूँ।छंदों…
आस में(ग़ज़ल)- राम किशोर पाठक
आस में – गजल क्या रखा है किसी की हर आस में। सफलता होनी चाहिए पास में।। बेशक मुझे दुनिया नहीं जानती। किसी के लिए मैं भी हूँ खास में।।…