मानव अब मानव न रहा, ये विकराल रूप दानव का है। जानवर ने जो छोड़ दिया वही काम अब मानव[...]
वही है भारत देश हमारा-सत्यम कुमारवही है भारत देश हमारा-सत्यम कुमार
जहाँ महात्मा गांँधी का महात्म्य जहाँ वीर भगत ने रचा शौर्य का इतिहास, जहाँ बहती है गंगा की निर्मल धारा [...]
कलम -रामपाल प्रसाद सिंहकलम -रामपाल प्रसाद सिंह
कलम । मनहर घनाक्षरी शब्द-शब्द जड़कर,छंद चंद लिखकर, कागज जो कार करे, कलम बेचारी है। चलाती निशाने तीर,बदलती तकदीर, तोडी़[...]
देखो बसंत है -डॉ स्नेहलता द्विवेदीदेखो बसंत है -डॉ स्नेहलता द्विवेदी
देखो बसंत है। देखो बसंत आया मीठी मीठी ठंड है, फाग धुन गा रहा क्यों देखो मकरंद हैं। हवा बासंती[...]
पायल रामकिशोर पाठकपायल रामकिशोर पाठक
पायल- कहमुकरी हर स्वर कानों को प्रिय लगता। सुनते ही जैसे चित ठगता।। हो जाती मेरा दिल घायल। क्या सखि?[...]
उड़ी वासंती खुशबू -आशीष अम्बरउड़ी वासंती खुशबू -आशीष अम्बर
विधा – कविता उड़ीं वासंती खुशबू । पीत वसन ओढ़े धरा, अंबर दिखता लाल , टेसू सरसों खिल गए ,[...]
होली आई -ब्यूटी कुमारीहोली आई -ब्यूटी कुमारी
होली आई होली आई होली आई, खुशियों की सौगात लाई। रंगों की बौछार लाई, सबको हमने गुलाल लगाई। पूआ और[...]
कुत्ते पाल रहे-नीतू रानीकुत्ते पाल रहे-नीतू रानी
लोग माता -पिता को अपने घर में दुत्कार रहे , खरीद कर लाए शौक से कुत्ते पाल रहे। माता- पिता[...]
होली का रंग-कार्तिक कुमारहोली का रंग-कार्तिक कुमार
बच्चों, बुद्ध, महिला, पुरुष, युवती-युवक सब मिलें भरपूर। होली का रंग सबको भाए, प्रेम का संदेश जग में फैलाए। नन्हे[...]
बसंत का आगमन -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’बसंत का आगमन -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
खेतों में हरियाली शोभें सरसों-अलसी बलखाती है। ऋतुराज के स्वागत में कोयल गीत खुशी से गाती है। नव पल्लव पा[...]
