नन्हें परिंदे अरविंद कुमार, भरगामा, अररिया की कलम से अभी मैं जिंदा हूं , लेकिन मेरा अस्तित्व खतरे में है[...]
दिखे की दुखी तुझको -रामकिशोर पाठकदिखे की दुखी तुझको -रामकिशोर पाठक
दिखे कोई दुखी तुझको उसे गम से निकाला कर- गजल दिखे कोई दुखी तुझको उसे गम से निकाला कर। बिना[...]
नव संवत्सर-राम किशोर पाठकनव संवत्सर-राम किशोर पाठक
आया नव संवत्सर, हम झूमें गाएँ। माँ का पूजन करके, उल्लास मनाएँ।। इसी दिवस शुरू किए, ब्रह्म सृष्टि रचना। राम[...]
रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
भाग गया है शीत,निकल कर देखो। बाहर किरणें प्रीत,निकल कर देखो।। पगडंडी के प्रांत,आज है भारी। हरियाली है मगन,मार सिसकारी।।[...]
मानवता- राम किशोर पाठक मानवता- राम किशोर पाठक
ज्ञानी जन चिंतन करें, मानव कर्म विमर्श। कुंठित मानवता हुई, कैसे हो शुभ दर्श।। कैसे हो शुभ दर्श, वर्ष नव[...]
पढ़ाई से छुट्टी -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’पढ़ाई से छुट्टी -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
आया मस्ती का दिन पढ़ाई से मिल गई छुट्टी, जब से आया इम्तिहान गुरुजी पिलाते थे घुट्टी। हुई परीक्षा खत्म[...]
नव संवत्सर में शैलजा-राम किशोर पाठकनव संवत्सर में शैलजा-राम किशोर पाठक
संवत्सर प्रारंभ नव, प्रथम दिवस है आज। आदि शक्ति शुभ शैलजा, पूजे सकल समाज।। आदि शक्ति के रूप का, दर्श[...]
Just alone-Avdhesh kumar Just alone-Avdhesh kumar
I often find myself alone I cry alone , I gathered myself alone After all , solitude too Turns out[...]
बिना पिया केअ गैस हे-नीतू रानीबिना पिया केअ गैस हे-नीतू रानी
हे बहिना बिना पिया केअ कोना केअ आनब गैस हे, पिया बसै परदेश हे ना। गैस सिलेंडर भेल बड़ महंगा,[...]
बुद्ध की पावन धरा-राम किशोर पाठक बुद्ध की पावन धरा-राम किशोर पाठक
बुद्ध की पावन धरा। दिव्यता से है भरा।। है रमा जन्मस्थली। बोल मगही मैथिली।। अंगिका सह भोजपुरी। शिल्क है भागलपुरी।।[...]
