बच्चे रोज आते स्कूल- नीतू रानी

बच्चे रोज आते स्कूल,पेंसिल लाना जाते भूल। बच्चे को है खेल पसंद,पढ़ने में नहीं आता आनंद। मोबाईल चलाने में नंबर वन,टीवी देखने में लगता है मन। बिना मोबाईल चलाएँ खाना…

सच – Hariom Kumar Sharma

तुम्हारा सच, मेरा सच बस तुम जानो या मैं जानूं. तो फिर क्यों है इतनी उम्मीदें, बंधन और कड़वाहट? तुम्हारा अकेलापन या मेरा अकेलापन बस तुम जानो या मैं जानूं.…

कड़वी बातें – Hariom Kumar Sharma

💔 संघर्ष में तुम अनाथ हो, मित्र… 🥀 🚶‍♂️ काफिला तो सफलता के बाद ही उमड़ता है…!!!! 🏆🎉 ज़िंदगी की हकीकत यही है, जो तुम्हें रुलाता है… 😢 अक्सर वही…

विशिष्ट शिक्षक – Roshan verma

हिंदी: हमारी अस्मिता की पहचान ………………………………………. जीवन का संस्कार है हिन्दी।  भावनाओं  का उद्गार है हिन्दी।  राष्ट्र की पहचान है हिन्दी। और  नव चेतना की आवाज है हिन्दी।  अलख जगाए…

बच्चों का खेल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

मोबाईल का युग आया,बच्चे बूढे को मन भाया,आज भी गांँवों में बच्चे, खेलते अनेक खेल। कभी पानी में नाव चलाते,कभी कीचड़ में दौड़ लगाते,खाली डब्बा जोड़कर, चलाते पानी में रेल।…