Jainendra

चुनावी जुमले बाज़ी –  जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’चुनावी जुमले बाज़ी –  जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 9:32 pm

चुनावी जुमले बाज़ी  जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’   जंगल राज कह कर सबको डराते हैं, विकास-भ्रष्टाचार के, मूद्दे हुए गौण है।[...]

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Ram Kishore Pathak

राष्ट्रीय एकता दिवस – राम किशोर पाठकराष्ट्रीय एकता दिवस – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:17 pm

राष्ट्रीय एकता दिवस   दिवस राष्ट्रीय एकता वाला। लेकर समरसता का माला।। आओ इसकी कथा सुनाएँ। सरदार पटेल से मिलवाएँ।।[...]

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Awedhesh kumar

बारिश और पकौड़े : बाल कविता – अवधेश कुमारबारिश और पकौड़े : बाल कविता – अवधेश कुमार

0 Comments 8:59 pm

बारिश और पकौड़े : बाल कविता – अवधेश कुमार   बाहर हो रही थी झमाझम बारिश, मन मे हो रही[...]

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Ram Kishore Pathak

शब्द साधना…रामकिशोर पाठकशब्द साधना…रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:01 pm

मरहठा माधवी छंद शब्द साधना अगर, सब्र साधना, स्वयं साधा करे।शिल्प देखिए सहज, और सीखिए, मौन बाधा हरे।।अर्थ जानिए सदा,[...]

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Ram Kishore Pathak

शब्दों का संसार-राम किशोर पाठकशब्दों का संसार-राम किशोर पाठक

0 Comments 5:44 pm

शब्दों का संसार (१६-१४) शब्दों का संसार अनोखा, होंठ चूमता है रहता। कुछ बसते हैं संग रगो में, कुछ को[...]

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Ram Kishore Pathak

हर पल मर्यादा में रहना – राम किशोर पाठकहर पल मर्यादा में रहना – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:36 am

हर-पल मर्यादा में रहना – गीत शब्दों की कर हेराफेरी, नित्य नया कुछ चाहूँ कहना।मन को अपने समझाता हूॅं, हर-पल[...]

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Ram Kishore Pathak

मैहर वाली मैं हर दें गर- राम किशोर पाठकमैहर वाली मैं हर दें गर- राम किशोर पाठक

0 Comments 5:35 am

गीत सुख में जाए दिन-रात गुजर।मैहर वाली मैं हर दें गर।। सुंदर मनहर गीत लिखा है।माता से निज प्रीत लिखा[...]

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Ram Kishore Pathak

कब तक कोई अपना- राम किशोर पाठककब तक कोई अपना- राम किशोर पाठक

0 Comments 3:05 pm

कब-तक कोई अपना- गीत छोटे-छोटे शब्दों से मन टूटेगा। कब-तक कोई अपना हमसे रूठेगा।। अपनों में तो खिच-खिच होती रहती[...]

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नहीं विश्वाश होता है -रामपाल पाल प्रसाद सिंहनहीं विश्वाश होता है -रामपाल पाल प्रसाद सिंह

0 Comments 2:59 pm

गीत(विधाता छंद) नहीं विश्वास होता है सनातन धर्म अभ्यागत,धरा को लहलहाया है। नहीं विश्वास होता है,कि मानव ने बनाया है।।[...]

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