बस थोड़ी ही देर पहले तो… बस थोड़ी ही देर पहले तो —एक रंगीन तितलीफूलों की क्यारी में नाच रही[...]
आह्वान…विजय शंकर ठाकुरआह्वान…विजय शंकर ठाकुर
सवेरे उठकर जल्दी जाओ,लोकतंत्र का पर्व मनाओ। भैया भौजी, चाचा आओ, दादा दादी को भी लाओ।मतदाता पर्ची को लेकर,कतार में[...]
गर्व से हिंदू कहे तो..रामपाल प्रसाद सिंहगर्व से हिंदू कहे तो..रामपाल प्रसाद सिंह
सुमेरु छंद (10,9)1222 12, 22 122 गर्व से हिंदू कहे तो। घटा घनघोर नभ,छाई कहाॅं से।गई थी लौट कर,आई कहाॅं[...]
किसानों की बेचैनी..जनेंद्र प्रसाद रविकिसानों की बेचैनी..जनेंद्र प्रसाद रवि
कार्तिक है बीत रही,रबी अभी लगी नहीं,आसमां में काले घन, दिखा रहे नैन हैं। खेतों में तैयार धान, आती नहीं[...]
बाल कविता आओ मिलकर छठ करें..अवधेश कुमारबाल कविता आओ मिलकर छठ करें..अवधेश कुमार
अस्ताचल सूरज को, हम सब ही प्रणाम करें,उगते सूरज और छठ माता की पूजा, सच्चे मन से करें। संध्या अर्घ्य[...]
चुनावी जुमला..जनेंद्र प्रसाद ‘रवि’चुनावी जुमला..जनेंद्र प्रसाद ‘रवि’
वादे करते हैं सभी, पूरा करते न कभी,जुमला साबित होता, आया हर बार है। धर्म का सहारा ले के,जाति की[...]
प्रभाती पुष्प -जैनेंद्र प्रसादप्रभाती पुष्प -जैनेंद्र प्रसाद
प्रभाती पुष्प सूर्य देव से प्रार्थना मनहरण घनाक्षरी छंद नर-नारी संत-यति, उपवास रख ब्रती,! धन बल पुत्र हेतु, करते उपासना।[...]
छठ मैया की महिमा निराली आशीष अम्बरछठ मैया की महिमा निराली आशीष अम्बर
छ्ठ मैया की महिमा निराली खड़ें है हर घाटों में , हैं सूप हाथों में लेकर । लगा रहे हैं[...]
आओ छठ पर्व मनाएं शैलेन्द्र कुमारआओ छठ पर्व मनाएं शैलेन्द्र कुमार
आओ छठ पर्व मनाएं एकता, भाईचारा, सौहार्द फैलाएं आओ छठ पर्व मनाएं।। नहाए खाए, सहना, खड़ना रस्म निभाएं आओ छठ[...]
छठ की गरिमा -अमरनाथ त्रिवेदीछठ की गरिमा -अमरनाथ त्रिवेदी
2 छठ पर्व की गरिमा वंश परम्परा चलती रहे , सुख से जियें लोग सभी । कामना करते छठ व्रती यही , बन जाए सबकी बात सभी ।[...]
