सर्दी का असर. .भावानंद सिंहसर्दी का असर. .भावानंद सिंह

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—- धनाक्षरी छंद ————————-शीत का असर देखो,सब  पे  बराबर  है,बिछावन पर दुबके, ओढ़े कम्बल है। सर्द हवा चल रही,ठिठुर रहा[...]

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Ram Kishore Pathak

माँ शारदे-राम किशोर पाठकमाँ शारदे-राम किशोर पाठक

0 Comments 3:55 pm

धरणी छंद वर्णिक माँ शारदे, दया दिखलाओ। दे बुद्धि को, कृपा बरसाओ।। कोई कहे, तुम्हें बलशाली।मानें सदा, तुम्हें सब काली।।माता[...]

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ashish amber

नववर्ष तुम्हारा स्वागत है..आशीष अंबरनववर्ष तुम्हारा स्वागत है..आशीष अंबर

0 Comments 3:52 pm

कविता नववर्ष तुम्हारा स्वागत है,खुशियाँ मिले सबको बस यही चाहत है । नया जोश, नया उल्लास छाया है,खुशियाँ लेकर अपार[...]

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नव वर्ष -डॉ स्नेहलता द्विवेदीनव वर्ष -डॉ स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 10:34 pm

नव वर्ष नव संकल्प ले नव विहान का , नूतन अभिनन्दन कर लो। जो विकृति हो आपसंस्कृति हो , उसका[...]

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नए वर्ष की नयी उम्मीदें -रुचिकानए वर्ष की नयी उम्मीदें -रुचिका

0 Comments 10:23 pm

नए वर्ष की नयी उम्मीदें देखो, फिर ठिठुरते,कंपकंपाते दिसंबर की सर्द रातों संग ये वर्ष अपनी अंतिम साँसें ले रहा[...]

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Jainendra

चाहता चरण धूल -जैनेंद्र प्रसाद रविचाहता चरण धूल -जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 7:44 am

चाहता चरण धूल नहीं मांँगता हूंँ धन, भरा पूरा परिजन, भावना सहित तन-मन हो समर्पित। पास नहीं फल-फूल, चाहता चरण[...]

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शुभ भोर -रामपाल प्रसाद सिंहशुभ भोर -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 6:51 am

शुभ भोर हो गया उजियारा। मनमोर नाचता है प्यारा।। “अनजान”साॅंस भरपूर लिए। अनमोल ज्ञान भरपूर दिए।। खग जाग भाग कर[...]

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बहाता नीर था कोई -एस. के. पूनमबहाता नीर था कोई -एस. के. पूनम

0 Comments 6:39 am

ऊँ कृष्णाय नमः विधाता छंद। (बहाता नीर था कोई) कुसुम जैसा खिले यौवन, प्रफुल्लित था प्रणय पल से। नदी की[...]

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