दुर्लभ गुरु ज्ञान – जैनेंद्र प्रसाद रवि

दुर्लभ गुरु ज्ञान है मित्र-पुत्र माता-पिता- मिलते हैं सौभाग्य से, गुरु तो साक्षात कृष्ण, राम के समान हैं। हजारों जन्मों का पुण्य- जब फलीभूत होता, गुरु की कृपा से होता,…

हिंदी हमारी अस्मिता की पहचान – मधु कुमारी

हिंदी हमारी अस्मिता की पहचान  मिलता हिंदी से भारत को अद्वितीय मान सम्मान  जब कोई बोले हिंदी तो  लगता हो कोई मीठा पकवान  मिश्री सी घोले मधुर मधुर बोले हमारी…

कौन? रत्ना प्रिया

नित्य कर्म करती है प्रकृति पर,रहती है शाश्वत मौन,कई प्रश्न उठते हैं मन में,इसका उत्तर देगा कौन ? नित्य समय पर दिनकर आता,प्रकाश का अक्षय भंडार,इस जगती के हर प्राणी…

गुरु से विनय – राम किशोर पाठक

गुरु से विनय- किशोर छंद गीत हम-सब छोटे बालक पढ़ने, आएँ हैं। गुरुवर लाख बुराई हममें, पाएँ हैं।। सारे छोड़े काम अधूरा, जाने दें। पुलकित रहता हृदय हमारा, गाने दें।।…

विश्व आत्महत्या निवारण दिवस-गिरीन्द्र मोहन झा

हर वक्त समझना अमूल्य जीवन का मोल, हर स्थिति में तू सदा शुभ सोच, तू शुभ बोल, धैर्य, धर्म, साहस, आत्मबल तू कभी न हार, हर दोष-दुर्बलता पर पराक्रम से…

हिंदी हैं पहचान हमारी – रवि कुमार

हिंदी है पहचान हमारी हिंदी है पहचान हमारी, हिंदी हैं स्वाभिमान हमारी । हिंदी से है ‘हिन्द’ वतन ये, भाषाओं में है सबसे प्यारी ।। याद करो वो दिन भी…

हमारी हिंदी – मधु कुमारी

चाहे बोलें कोई भी भाषा,अपनी तो पहचान है हिंदी सरल,सहज, अनुपम है हिंदी,हम “हिंदी”की जान है हिंदी  “अ”अनपढ़ से होकर शुरू, “ज्ञ”से ज्ञानी बनती हिंदी क्या कहें कैसी है हिंदी,हां!…

हिंदी – गिरिधर कुमार

हिंदी   हिन्द की आवाज, प्राकृत, पाली, संस्कृत से क्रमशः निःसृत, भारतीयता की पहचान हिंदी।   भारतेंदु से पंत तक, महादेवी से भावपूरित, निराला के अंनत तक, दिनकर की ओज…