Ram Kishore Pathak

संविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठकसंविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:13 pm

संविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठक नीति नियम का ग्रंथ यही है, जिसके सन्मुख समरस रहते। देश चलाते हैं[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

जिए जा रहा हूॅं- गजल  राम किशोर पाठकजिए जा रहा हूॅं- गजल  राम किशोर पाठक

0 Comments 10:04 pm

  १२२-१२२-१२२-१२२ उदासी छुपाकर जिए जा रहा हूँ। तभी तो लबों को सिए जा रहा हूँ।। निगाहें जिन्हें ढूँढती है[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

जीवन में शिक्षा का स्थान – अमरनाथ त्रिवेदीजीवन में शिक्षा का स्थान – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:58 pm

मन से न कभी भाग पाएँगे, सदा शिक्षा का अलख जगाएँगे। जीवन से शिक्षा का इतना नाता, इसके बगैर न[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

नशा छोड़िए..राम किशोर पाठकनशा छोड़िए..राम किशोर पाठक

0 Comments 11:38 am

नशा छोड़िए- गीतिका २१२२-२१२२-२१२२-२१२ त्यागिए खुद ही नशा को गर्त में मत खोइए। हो रहे बर्बाद क्यों आबाद भी तो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

राम विवाह..रामकिशोर पाठकराम विवाह..रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:04 pm

राम विवाह – सरसी छंद गीत संग सभी भ्राता भी उनके, परिणय को तैयार।सिया वरण करने को आयें, सजे-धजे सुकुमार।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

बाल मनुहार..अमृता कुमारीबाल मनुहार..अमृता कुमारी

0 Comments 9:02 pm

*बाल मनुहार* मां यह मुझे बता दे!आसमान क्यों है नीला कैसे उड़ लेती है चिड़ियां इस नील गगन में ऊपर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

आप संग रहें -रामकिशोर पाठकआप संग रहें -रामकिशोर पाठक

0 Comments 5:21 pm

आप संग रहे- छंद वार्णिक २१२-११२, २२१-२१ अंग-अंग कहे, पाया निखार। आप संग रहे, भाया विचार।। भूल चूक किया, स्वीकार[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

आभूषण -रामपाल प्रसाद सिंहआभूषण -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 5:18 pm

मनहरण घनाक्षरी आभूषण कंदरा गुफाओं बीच,नारी रही नर खींच, कल्पना में डूबा नर ,नारी को सजाने में। पत्थरों को घिसकर,भावना[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

आभूषण -जैनेन्द्र प्रसाद रविआभूषण -जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 5:15 pm

आभूषण मनहरण घनाक्षरी छंद सदियों से मानव को, लुभाता है चकाचौंध, नर-नारी सभी को ही, आभूषण भाता है। सभी धनवान[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें