कब-तक कोई अपना- गीत छोटे-छोटे शब्दों से मन टूटेगा। कब-तक कोई अपना हमसे रूठेगा।। अपनों में तो खिच-खिच होती रहती[...]
नहीं विश्वाश होता है -रामपाल पाल प्रसाद सिंहनहीं विश्वाश होता है -रामपाल पाल प्रसाद सिंह
गीत(विधाता छंद) नहीं विश्वास होता है सनातन धर्म अभ्यागत,धरा को लहलहाया है। नहीं विश्वास होता है,कि मानव ने बनाया है।।[...]
बेटा का अधिकार – जैनेन्द्र प्रसादबेटा का अधिकार – जैनेन्द्र प्रसाद
बेटा का अधिकाररूप घनाक्षरी छंद में जनता है आती याद,हर पांँच वर्ष बाद,नेता की है आस टीकी, आपके इंसाफ पर।[...]
कोशी के पार लौटती नाव- अवधेश कुमारकोशी के पार लौटती नाव- अवधेश कुमार
कोसी के पार लौटती नाव : नाविक की दर्द भरी दास्तान नाविक चल पड़ा धीरे-धीरे,हवा के संग, उम्मीदों की ओरगहरे[...]
देवता साक्षात् नभ से…राम किशोर पाठकदेवता साक्षात् नभ से…राम किशोर पाठक
गीत (गीतिका छंद) कष्ट हरना है जगत का, आज यह समझा गए।देवता साक्षात नभ से, पूछने हैं आ गए।। पर्व[...]
विनय गीत…राम किशोर पाठकविनय गीत…राम किशोर पाठक
आइए अब तो हमारे, साथ में कुछ बोलिए।आप कर दो चार बातें, प्रेम रस को घोलिए।। और नेकी है भला[...]
सजा है घाट- गीतिका…राम किशोर पाठकसजा है घाट- गीतिका…राम किशोर पाठक
सजा है घाट उपवन सा, जहाँ आए लिए डाला।भरी फल से सभी डाला, हुआ मोहक नदी नाला।। सभी हैं हाथ[...]
ताका ..राम किशोर पाठकताका ..राम किशोर पाठक
ताका ५-७-५, ७-७ १.सौम्य प्रसंग धरे नव उमंग रचना संग। साधना अंग-अंग शब्द दृष्टि विहंग।। २.सपने आते कुछ कह भी[...]
वापस कर दो सुखी बनाकर…RPS अनजानवापस कर दो सुखी बनाकर…RPS अनजान
अरिल्ल छंद चार चरण में 16 16 मात्रा पदांत 211/122वापस कर दो सुखी बनाकर।@@@@@@@@@@बादल छाए नभ के ऊपर।सोनू मोनू भाग[...]
मौन संगीत.. डॉ अजय कुमार “मीत”मौन संगीत.. डॉ अजय कुमार “मीत”
मौन पड़ी मन वीणा को भावों ने झंकृत कर डालाजग उठे मौन से संगीत। कोरे कागज पर लेखनी दौड़ीआड़े-तिरछे अक्षर[...]
