जय स्कंदमाता ममतामयी माँ ममतामयी तू है जगदम्बा, तू कार्तिकेय सुत जननी है। ताड़कासुर बध संकल्प लिये, माँ तू संतन हित करनी है। चार भुजायें धारण कर, पद्मासना तू महारानी…
माँ जब भजते- तीव्र अश्वगति छंद – राम किशोर पाठक
माँ जब भजते- तीव्र/अश्वगति छंद साधक याचक सा मन लेकर, धीरज धरते। माँ उनके घर आँगन आकर, कौतुक करते।। माँ पग को रखती जब आकर, पावन क्षण है। दर्शन पाकर…
भारत की बेटी -रिंकु कुमारी
मां हमें भारत की बेटी बनकर जीने दो रश्मों रिवाज की जंजीर तोड़कर आगे बढ़ने दो लाचार बनकर अब हमें जीना मंजूर नहीं, फौलाद बने जिगर बस इतना आशीर्वाद दो…
नया समाज बनाना होगा – गीत – राम किशोर पाठक
नया समाज बनाना होगा – गीत आओ मिलकर हम-सब सोचे, समाधान कुछ पाना होगा। जन-जन के उत्कर्ष हेतु अब, नया समाज बनाना होगा।। सदी इक्कीसवीं आयी है, दुनिया जिसकी गाथा…
रामपाल प्रसाद सिंह – वंदनवार सजे शारदा
वंदनवार सजे शारदा चतुर्थ दिन छाया शुभ जग में,कुष्मांडा तेरी जय हो। नर-नारी निर्भय नाचत है,हृदय-सिंधु पावनमय हो।। लीला तेरी अद्भुत माते,बोल शब्द गूॅंगे मढ़ते। बहरे से संवाद बनाती,लॅंगड़े तो…
चरण वंदना कुर्म: – राम किशोर पाठक
चरण वंदना कुर्म: मातृ रूपम् दृशद सर्व: मे चरण वंदना कुर्म: जगत जननी गृहे अद्य निराकारा प्रकट अद्य शरद काले शुभद सर्व: मे चरण वंदना कुर्म:। प्रकृति: रमणीयं अत्र दृश्यं…
जय मां कूष्मांडा -डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
जय माँ कुष्मांडा🙏🌹 पुष्पों सी है मुस्कान तेरी, माँ ईषत हास्य से जग जननी। ब्रम्हाण्ड के उद्भव शान तेरी, तू तप जप धात्री तू जननी। पुष्पों सी है मुस्कान तेरी,…
मैं पिता बन गया हूँ – बिंदु अग्रवाल
छोड़ दी हैं मैंने सारी अठखेलियाँ क्योंकि अब मैं पिता बन गया हूँ। अब मैं पिता को नखरे नहीं दिखाता, क्योंकि अब मैं पिता बन गया हूँ। छोड़ दी हैं…
मां चंद्रघंटा -डॉ स्नेहलता द्विवेदी
माँ चंद्रघंटा 🌹🙏 अनंत ज्योति जगमग दृग अंगा, स्वर्ण बदन सुवर्ण सुनंदा। शोभे अर्धचन्द्र अतिरंगा, सुयश सुवासित मातु आनंदा। दश भुजा अस्त्र शस्त्र बहुरंगा, वाहन सिंह व शक्ति अनंता। न्याय…
भक्ति कैसे करें
कविता का शीर्षक:- ” मौन है” आज दुखी सब कौन है? जिसके जीवन में योग संविधान स्वर्वेद मौन है? साधना सेवा सत्संग आज सभी में मौन है? तभी तो ज्ञान…