जब सब ओर अंधियारा छा जाए जब झूठ का शोर बढ़ जाए, जब लोग सत्य को मौन कर दें —[...]
छंदों को भी गढ़ना चाहूंँ – राम किशोर पाठकछंदों को भी गढ़ना चाहूंँ – राम किशोर पाठक
छंदों को भी गढ़ना चाहूँ- गीत गीत गजल मैं पढ़ना चाहूँ।छंदों को भी गढ़ना चाहूँ।। पर मुझको कुछ ज्ञान नहीं[...]
आस में(ग़ज़ल)- राम किशोर पाठकआस में(ग़ज़ल)- राम किशोर पाठक
आस में – गजल क्या रखा है किसी की हर आस में। सफलता होनी चाहिए पास में।। बेशक मुझे दुनिया[...]
ये तो प्यारे बच्चे हैं – आशीष अंबरये तो प्यारे बच्चे हैं – आशीष अंबर
ये तो प्यारे बच्चें है,मन के बड़े ही सच्चें है । ये बच्चें है देश की शान,चाचा नेहरु का यही[...]
गुणगुणी धूप – जैनेन्द्र प्रसाद रविगुणगुणी धूप – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
गुण गुणी धूपमनहरण घनाक्षरी छंद सूरज निकलने कारहता है इंतजार,सुबह की धूप हमें, लगती तो प्यारी है। दूर तक दिखती[...]
शिक्षा का दीप…राम किशोर पाठकशिक्षा का दीप…राम किशोर पाठक
शिक्षा का दीप जलाना है- गीत अब सबको राह दिखाना है। शिक्षा का दीप जलाना है।। चाहत सबकी नभ को[...]
प्रकाश..राम किशोर पाठकप्रकाश..राम किशोर पाठक
प्रकाश- अनंद छंद गीत (मात्रिक १२-१२-१२-१२, १२-१२-१२) सुमन यहाँ विछा रहें, पथिक चलो अभी।प्रदीप हम जला रहे, उदास क्यों सभी।।[...]
सर्दी- कहमुकरी- राम किशोर पाठक सर्दी- कहमुकरी- राम किशोर पाठक
सर्दी – कहमुकरी स्पर्श सदा कंपित है करती। रोम-रोम में सिहरन भरती।। जैसे वह हमसे बेदर्दी। क्या सखि? साजन! न[...]
बलहीनन का बस पीड़ हरो-रामपाल प्रसाद सिंहअनजान बलहीनन का बस पीड़ हरो-रामपाल प्रसाद सिंहअनजान
हम जान रहे कर क्या सकते, तुम तो न मुझे इनकार करो। शुभ कर्म किए शुभ धर्म किए,मम श्वेत मकान[...]
तोटक छंद वर्णिक-रामपाल प्रसाद सिंहअनजानतोटक छंद वर्णिक-रामपाल प्रसाद सिंहअनजान
तोटक छंद वर्णिक(112) 112-112-112-112 दो चरण सम तुकांत दिन में दिखते मन के सपने। हिय में रहने लगते अपने।। रचने[...]
