उलझन- गीत सारी सुविधा भरी पड़ी है, पर मिलता आराम नहीं।बहुत दिनों से घरवालों का, आया है पैगाम नही।। रोजी[...]
किताबों की ओर लौटो – अवधेश कुमारकिताबों की ओर लौटो – अवधेश कुमार
किताबों की ओर लौटो – किताबों की ओर लौटो फिर से, ज्ञान के दीप जलाओ फिर से। इन पन्नों में[...]
शरद पुर्णिमा- राम किशोर पाठकशरद पुर्णिमा- राम किशोर पाठक
शरद पूर्णिमा- महामंगला छंद गीत स्वागत करती किरण, सोम देव मुस्कात। सुरभित शीतल शरद, मनभावन यह रात।। रजनी व्याकुल अजब,[...]
कल से पक्का पढूंगा – अवधेश कुमारकल से पक्का पढूंगा – अवधेश कुमार
कल से पक्का पढ़ूंगा – बाल हास्य कविताआज बहुत रात हो गई ,फिर वही बात,कॉपी खुली है पर नींद का[...]
जिंदगी – राम किशोर पाठकजिंदगी – राम किशोर पाठक
जिंदगी -सूर घनाक्षरी एक रास्ता है जिंदगी,आओ कर लें बंदगी,त्याग चित की गंदगी, चलते जाइए।कर्म धर्म मर्म ज्ञान,अपना पराया जान,सबको[...]
शरद ऋतु का दस्तक -जैनेंद्र प्रसाद रविशरद ऋतु का दस्तक -जैनेंद्र प्रसाद रवि
शरद् ऋतु का दस्तक अंधकार छंटते हीं, रवि की सवारी आया, बैठ तरु डाल पर, करते परिंदे शोर। पछियाँ जो[...]
बिन मौसम बरसात – अवधेश कुमारबिन मौसम बरसात – अवधेश कुमार
बिन मौसम बरसात : बाल कविता , मौसम आजकलहथिया नक्षत्र की बिन मौसम बरसात आया ,अपने साथ लाया बाढ़ और[...]
शरद पूर्णिमा – गिरीन्द्र मोहन झाशरद पूर्णिमा – गिरीन्द्र मोहन झा
शरद पूर्णिमा की रात सुहावन, है अति मनभावन, चंद्रमा की चांदनी, उजाला, शीतलता, है अति पावन, चंद्रदेव अमृत-वृष्टि हैं कर[...]
जीवन सुंदर सरस – महामंगला छंद गीत, राम किशोर पाठकजीवन सुंदर सरस – महामंगला छंद गीत, राम किशोर पाठक
जीवन सुंदर सरस, लगता हरपल खास। कर्म करे जो सतत, होता नहीं उदास।। हारा मन कब सफल, मन के जीते[...]
शरद पूर्णिमा, रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’शरद पूर्णिमा, रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
विधाता छंदधारित मुक्तक शरद पूर्णिमा कहीं संगम कहीं तीरथ, धरा पर पुण्य बहते हैं, मगर जो आज देखेंगे, कहेंगे व्यर्थ[...]
