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पिता
पिता राही, पिता रक्षक
पिता पथ प्रदर्शक है।
पिता सागर, पिता पर्वत
पिता धरती और गगन है।
पिता सूर्य, पिता किरण
पिता वृक्ष और छाया है।
पिता शिक्षा, पिता संस्कार
पिता भाग्य विधाता है।
पिता सेवक, पिता मालिक
पिता सबका दाता है।
पिता गुरु, पिता संबल
पिता सृजनहार है।
पिता कल्पतरु, पिता पारिजात
भाग्यवान है वह,
जिसको पिता की साया है।
पिता अरमान, पिता स्वाभिमान
ईश्वर का वरदान पिता है।
होठों की मुस्कान पिता,
बच्चों की पहचान पिता।
घर घर का सम्मान पिता,
पिता जनक, पिता पूज्य है।
धन्य है वह, जो पिता के
चरणो में शीश नवाता है।
ब्यूटी कुमारी
बछवारा, बेगूसराय (बिहार)

