राम आखिर कौन हैं?- बाल कविता
राम आखिर कौन हैं?
प्रश्न सुन सब मौन हैं।
ले रहे सब नाम हैं।
मग्न करते काम हैं।।
मैं समझ पाया नहीं।
भाव कुछ आया नहीं।।
हो रहें क्यों गौन हैं।
राम आखिर कौन हैं?०१।।
माँ बताओ तो सही।
राम दिखते क्यों नहीं।।
नाम सब हैं जानते।
भेद फिर क्यों मानते।।
अक्ल से सब यौन हैं।
राम आखिर कौन हैं?०२।।
क्या कहानी नाम की।
जिंदगानी राम की।।
सत्य का कुछ ज्ञान दो।
राम का गर मान दो।।
राम कैसे रौन हैं।
राम आखिर कौन हैं?०३।।
गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।
संपर्क- 9835232978

